•कान्हा माखन स्कूल में उमड़े विद्यार्थी, मानसिक स्वास्थ्य पर हुई चर्चा।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। अखिल भारतीय स्तर पर चल रहे ‘एएचए नेशनल एक्शन प्लान 2026’ के तहत मथुरा में बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य व कल्याण को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में किशोरावस्था से पहले (प्रीटीन अवस्था) स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान करना और उन्हें सुरक्षित भविष्य देना था।
श्रृंखला के पहले चरण में कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, मथुरा में एक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 300 प्रीटीन, किशोर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेषज्ञ वक्ताओं में प्रो. (डॉ.) एन. सी. प्रजापति, डॉ. पियाली भट्टाचार्य, डॉ. शालिनी भसीन, डॉ. निर्मला जोशी, डॉ, सोनिया भट्ट और डॉ. आर. एन. शर्मा ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। सत्र के दौरान शैक्षणिक तनाव, चिंता (एंजायटी), मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉक्टरों ने बच्चों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में सर्वाेदय हॉस्पिटल, मथुरा के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘कॉप्रिहेंशिव प्रीटीन केयर इन ऑफिस प्रैक्टिस’ विषय पर एक विशेष चिकित्सकीय कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यशाला में मथुरा के अलावा आगरा और प्रयागराज से आए लगभग 52 प्रतिष्ठित चिकित्सकों ने भाग लिया।
कार्यशाला में बच्चों की शारीरिक वृद्धि और विकास, मानसिक, व्यवहारिक व भावनात्मक स्वास्थ्य, बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर गहन वैज्ञानिक चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इंटरैक्टिव रोल-प्ले और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के जरिए चिकित्सकों को आधुनिक प्रीटीन स्वास्थ्य देखभाल की बारीकियों से अवगत कराया गया।
इस दोहरे आयोजन को सफल बनाने में डॉ. सुषमा देसाई, डॉ. समीर शाह और डॉ. शमिक घोष का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी) आईएपी मथुरा के सक्रिय सदस्य डॉ. विपुल गोयल, डॉ. पंकज जैन, डॉ. रितेन गोयल, डॉ. मीना सूद, डॉ. अंशु शर्मा, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. टोनी गुप्ता, डॉ. रमनीश एवं डॉ. योगेश अग्रवालकृका सहयोग सराहनीय रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वाेदय हॉस्पिटल का भी विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने एक ही संदेश दिया “बच्चों को समय रहते पहचानें, उनकी सुरक्षा और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करें।” यह पूरा आयोजन उत्तर प्रदेश एडोलसेंट हेल्थ ऐकेडमी एवं इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।


