•जनरेटर खड़ा, फिर भी अस्पताल में अंधेरा; बेड पर बेडशीट नहीं, खराब पड़े पंखे और सफाई व्यवस्था भी बदहाल।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। मिश्रिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अव्यवस्थाओं का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण रात के समय मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि अस्पताल परिसर में जनरेटर मौजूद होने के बावजूद अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा दिखाई देता है।
अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। परिसर और आसपास गंदगी दिखाई देने की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं मरीजों के लिए लगाए गए कई बेड पर बेडशीट तक उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा अस्पताल में लगे कई पंखे खराब पड़े हैं। गर्मी और उमस के बीच मरीजों को इन खराब पंखों के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के साथ-साथ साफ-सफाई, रोशनी, पंखे और बेडशीट जैसी मूलभूत सुविधाओं का बेहतर होना भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिश्रिख सीएचसी में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद में अस्पताल आना पड़ता है, लेकिन यहां उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
मामले को लेकर सीएचसी मिश्रिख के अधीक्षक प्रखर श्रीवास्तव से बात की गई। उन्होंने कहा कि “कल साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जाएगी। अन्य व्यवस्थाओं को भी हम देखते हैं।” अधीक्षक ने अस्पताल में मौजूद समस्याओं को देखने और आवश्यक सुधार कराने की बात कही।
अब सवाल यह है कि जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद अस्पताल में अंधेरा क्यों है, खराब पंखों को कब तक ठीक कराया जाएगा और मरीजों को बेडशीट व साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं कब तक उपलब्ध होंगी। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन समस्याओं का संज्ञान लेकर व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाना जरूरी है। देखना यह है कि सीतापुर प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं या इसी तरह से अंधेरे में डूबा रहेगा मिश्रिख सीएससी।


