वृन्दावन। रमणरेती क्षेत्र स्थित अनुग्रह अतिथि गृह का पुनरोद्धारोपरान्त महानवमी के पावन पर्व पर सन्तों, विद्वानों एवं धर्माचार्यों की पावन सन्निधि में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य उदघाटन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमज्जगद्गुरू श्रीपीपाद्वाराचार्य बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुरजी महाराज एवं पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दीप प्रज्ज्वलित करके किया।तत्पश्चात श्रीहनुमद् आराधन मंडल (रजि.) के द्वारा सुन्दर काण्ड का संगीतमय सामूहिक पाठ किया गया।साथ ही श्रीहनुमानजी महाराज की दिव्य आरती की गई।
श्रीहनुमद् आराधन मंडल (रजि.) के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री एवं आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय महाराज के द्वारा संस्थापित अनुग्रह अतिथि गृह के लोकार्पण के अवसर पर हनुमान की आराधना की गई है। उन्हें आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि श्रीहनुमानजी महाराज की कृपा से अनुग्रहीत अतिथि गृह की निरंतर प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
विश्वविख्यात भागवत प्रवक्ता डॉ. श्याम सुन्दर पाराशर एवं आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि अनुग्रह अतिथि गृह अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से सनातन धर्मावलंबियों को श्रीधाम वृंदावन से जोड़ने तथा उन्हें प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर करने का कार्य करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अतिथि गृह श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और धर्म एवं भक्ति की भावना को प्रोत्साहित करेगा।
कार्यक्रम में श्रीहनुमद् आराधन मंडल के अध्यक्ष अशोक व्यास, भजन सम्राट बनवारी महाराज, आचार्य श्रीराम मुद्गल, भगवताचार्य सुमंत कृष्ण शास्त्री, पंडित बनवारी लाल गौड़, पंडित श्याम सुंदर ब्रजवासी, आचार्य युगल किशोर काटारे, भागवत किंकर आचार्य कमल नयन महाराज,डॉ. राधाकांत शर्मा, आचार्य ब्रजेन्द्र भाई कौशिक, आचार्य शिवांशु भाई मिश्र, चैतन्य किशोर काटारे, अभिषेक कृष्ण शास्त्री, मुकेश मोहन शास्त्री, आचार्य प्रदीप मणि महाराज, आचार्य घनश्याम दुबे, बुद्धिप्रकाश शास्त्री, आचार्य नेत्रपाल षष्ठी, आचार्य विनय त्रिपाठी, आचार्य अनन्य देव उपाध्याय, आचार्य महेश भारद्वाज, आचार्य ज्ञानेन्द्र किशोर गोस्वामी, वेदान्त आचार्य, आचार्य सतीश चन्द्र पाराशर, आचार्य हरिहर मुद्गल, आचार्य गोपाल भैया आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह में पधारे सभी आगंतुक अतिथियों को भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुरजी महाराज ने पटुका ओढ़ाकर एवं प्रसाद भेंट कर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम का समापन सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।


