रिपोर्ट: संजय त्रिपाठी।
सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि पर गुरुवार को वटवासिनी गालापुर स्थित मां महाकाली मंदिर परिसर सवा दो लाख से अधिक दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। धर्म रक्षा मंच के तत्वावधान में आयोजित भव्य दीपोत्सव में श्रद्धालुओं ने दीपदान कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को रंगोलियों और स्वास्तिक, ओम, चरण पादुका व जय माता दी जैसे धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया।

दीपोत्सव का शुभारंभ जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और धर्म रक्षा मंच के मुख्य संरक्षक व पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मां महाकाली की आरती उतारकर और पहला दीप प्रज्वलित कर किया।
आयोजन में धर्म रक्षा मंच की ओर से सवा लाख दीप जलाए गए, जबकि श्रद्धालुओं ने एक लाख से अधिक दीपों का दान किया। इनमें 2100 गोबर से बने दीप शामिल रहे। महिलाओं ने स्वयं कच्ची मिट्टी से 5100 दीप तैयार कर प्रज्वलित किए।
जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर शिव शरणप्पा जी एन ने दीपोत्सव को अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक बताते हुए इसकी आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक महाजन ने आयोजन को अद्भुत और अविस्मरणीय बताते हुए श्रद्धालुओं व आयोजन समिति को बधाई दी। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और एकता का भी प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने जाति-पांत से ऊपर उठकर सामूहिक दीपदान के जरिए एकता का संदेश दिया।
मंदिर व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं में अधिक उत्साह देखने को मिला। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
इस आयोजन में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य,एसडीएम डुमरियागंज विवेकानंद मिश्र, सीओ बृजेश कुमार वर्मा, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी, लवकुश ओझा, डा. दशरथ चौधरी, चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू चौधरी, धर्मराज वर्मा, मधुसूदन अग्रहरि, प्रधान संघ अध्यक्ष डुमरियागंज दिलीप पाण्डेय, भनवापुर प्रधान संघ अध्यक्ष लालजी शुक्ला, प्रधान विष्णु श्रीवास्तव,संजय मिश्रा, राजेश पांडे,बब्बू पाठक, रघुनंदन पांडेय, प्रेम पांडेय, धर्मेश पांडेय, डम्पू पांडेय, अभिषेक त्रिपाठी युवराज, हरी सिंह, पप्पू सिंह, शत्रुघ्न सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य लोग मौजूद रहे।


