•अपर आयुक्त बस्ती मंडल तक पहुंची शिकायत, 2020 के निलंबन और 5.78 लाख रुपये के कथित वित्तीय अनियमितता प्रकरण का भी उल्लेख।
केके मिश्रा, संवाददाता
संत कबीर नगर। जनपद में तैनात एडीओ पंचायत मोईनुद्दीन सिद्दीकी की करीब 30 वर्षों से जिले के विभिन्न विकासखंडों में तैनाती, पूर्व में हुए निलंबन और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में अपर आयुक्त बस्ती मंडल को शिकायत भेजकर उनके पूरे सेवाकाल के सेवा अभिलेखों, आय-सम्पत्ति तथा विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच और विशेष ऑडिट की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में संबंधित अधिकारी के करीब तीन दशक से संतकबीरनगर के अलग-अलग ब्लॉकों में तैनात रहने और वर्तमान में सांथा विकासखंड में कार्यरत होने का उल्लेख किया गया था। शिकायत में वर्ष 2020 के दरियाबाद ग्राम पंचायत प्रकरण में उनके निलंबन की चर्चा करते हुए टेमा रहमत ग्राम पंचायत में करीब 5,78,870 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में एफआईआर और विभागीय जांच का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2024 में सेमरियावां विकासखंड में शौचालय निर्माण एवं भुगतान संबंधी शिकायतों के बाद उन्हें वहां से हटाए जाने की बात भी कही गई है।
हर तीन साल में पटल/क्षेत्र परिवर्तन की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पंचायती राज विभाग के शासनादेश संख्या 8/2022/7-119/47-4-20, दिनांक 13 मई 2022 के तहत समूह ‘ग’ के कार्मिकों के प्रत्येक तीन वर्ष में पटल अथवा क्षेत्र परिवर्तन संबंधी आदेश का अनुपालन हुआ या नहीं, इसकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियुक्ति से अब तक की सेवा पुस्तिका, स्थानांतरण पत्रावलियों तथा वर्ष 2020 के निलंबन और बहाली से संबंधित पूरी फाइल की जांच की मांग की गई है।
टेमा रहमत प्रकरण की वर्तमान न्यायिक स्थिति और सेमरियावां प्रकरण की भी समीक्षा कराने की मांग शिकायत में शामिल है। इसके अलावा सेमरियावां, मेंहदावल, नाथनगर, सांथा समेत अधिकारी के कार्यकाल वाले सभी विकासखंडों में कराए गए विकास कार्यों का विशेष वित्तीय एवं तकनीकी ऑडिट तथा मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।
आय-सम्पत्ति के मिलान की भी मांग
शिकायतकर्ता ने अधिकारी की नियुक्ति से अब तक की वैध आय का आकलन कर उनके तथा आश्रितों के नाम दर्ज चल-अचल संपत्तियों, बैंक निवेश और वार्षिक संपत्ति विवरण का मिलान कराने की मांग की है। आय के सापेक्ष संपत्तियों में असमानता पाए जाने पर सक्षम जांच एजेंसी से आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग भी की गई है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा रहा है। शिकायत का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष सत्यापन कराना है। निष्पक्ष जांच के लिए जांच अवधि में अधिकारी को जनपद से बाहर संबद्ध करने और संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत मोईनुद्दीन सिद्दीकी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी।


