ई-रिक्शा से गरीबों की मुफ्त सेवा कर रहे संतोष शर्मा, दिया ‘कर्म ही पूजा है’ का संदेश
•स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों और जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क पहुंचाने का लिया संकल्प।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। समाज में जरूरतमंदों की मदद के लिए कई लोग आगे आते हैं, लेकिन अपनी रोजी-रोटी कमाने के साथ दूसरों की सेवा का संकल्प निभाना भी प्रेरणादायक है। मथुरा के समाजसेवी संतोष शर्मा अपने ई-रिक्शा के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की पहल कर रहे हैं। उनकी इस मुहिम का संदेश है—‘कर्म ही पूजा है’।
संतोष शर्मा मथुरा में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके ई-रिक्शा पर ‘कर्म ही पूजा है—निशुल्क सेवा’ और ‘आओ मिलकर मुहिम चलाएं, पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को निशुल्क पहुंचाएं’ जैसे संदेश लिखे हैं। इन संदेशों के माध्यम से वह लोगों को जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इन लोगों को मिलेगी निशुल्क सुविधा
संतोष शर्मा ने गरीब और जरूरतमंद स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों, बुजुर्गों तथा अस्पताल जाने वाले जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क पहुंचाने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण कई गरीब बच्चे लंबी दूरी पैदल तय कर स्कूल जाते हैं। वहीं, कुछ गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद मरीजों को भी अस्पताल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि उनके ई-रिक्शा से किसी जरूरतमंद को राहत मिलती है, तो यह उनके लिए सच्ची पूजा के समान है। उनका उद्देश्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार लोगों की मदद करना और समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
समाजसेवियों से सहयोग की अपील
संतोष शर्मा की इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए समाज के लोगों और समाजसेवियों से सहयोग की अपील की गई है। आर्थिक संसाधन सीमित होने के बावजूद निशुल्क सेवा का प्रयास कर रहे संतोष शर्मा का कहना है कि लोगों के सहयोग और प्रोत्साहन से इस मुहिम को और विस्तार दिया जा सकता है, जिससे अधिक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।


