•मोहसिन पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने समझे विज्ञान के सिद्धांत, प्रश्नोत्तरी में 10 छात्र-छात्राएं पुरस्कृत।
जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को मोहसिन पब्लिक स्कूल, जलालपुर में ‘भारत विज्ञान यात्रा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वैज्ञानिक प्रयोगों, गतिविधियों और संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों की जानकारी दी गई। रोचक प्रयोगों ने विद्यार्थियों के साथ ही उपस्थित लोगों को भी आकर्षित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से समझाना तथा विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अवलोकन और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति विकसित करना रहा। भारत विज्ञान यात्रा की टीम ने विद्यार्थियों को विज्ञान, खगोल विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से भी परिचित कराया।
कार्यक्रम में वीबीएस प्लेनेटेरियम, गोरखपुर के खगोलशास्त्री एवं विज्ञान प्रशिक्षक अमर पाल सिंह, भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एसटी अली तथा सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से सीखने और अपने आसपास होने वाली घटनाओं के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझने के लिए प्रेरित किया।
प्रश्नोत्तरी में 10 विद्यार्थी हुए पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन और सहभागिता करने वाले 10 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इनमें अबू बकर, अस्मा नवाज, हलीमा सादिया, मोहम्मद अयान, मोहम्मद अजफर, मोहम्मद फिरोज, फिजा मरियम, शाजीन जहरा, आरिबा शेख और नायरा खान शामिल रहे। आयोजकों ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना है।
खगोलशास्त्री अमर पाल सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं, भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एसटी अली ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना आवश्यक है।
सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव ने कहा कि भारत विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही वैज्ञानिक सोच और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
विकसित भारत के संकल्प से जुड़ी पहल
आयोजकों ने कहा कि ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत विज्ञान यात्रा का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विज्ञान को सरल, रोचक और व्यावहारिक रूप में पहुंचाया जाए, ताकि उनमें अनुसंधान, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित हो सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहसिन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य दानिश आलम, प्रबंधक परवेज आलम एवं दिवाकर चौरसिया का विशेष सहयोग रहा। शिक्षक मोहम्मद इमरान काशमी, सहरयार, आलम सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की।
आयोजकों ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर, शोधकर्ता और नवप्रवर्तक हैं। उनमें वैज्ञानिक चेतना विकसित करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का संदेश रहा कि वैज्ञानिक सोच, नवाचार और युवा प्रतिभा के बल पर विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।


