•खुली बैठक में ग्रामीणों ने कार्यों की गुणवत्ता पर जताई संतुष्टि, अभिलेखों की भी हुई जांच।
केके मिश्रा संवाददाता।
संतकबीरनगर। शासन के निर्देश पर संचालित सोशल ऑडिट अभियान के तहत विकासखंड बघौली की ग्राम पंचायत अमावा में सोशल ऑडिट टीम ने विकास कार्यों की जांच की। इस दौरान सोशल ऑडिट टीम के बीआरपी संतोष कुमार पांडेय ने ग्राम प्रधान द्वारा विगत वित्तीय वर्ष में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया।
मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के कार्यों की जांच
सोशल ऑडिट टीम ने मनरेगा, ग्राम पंचायत निधि, 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए कार्यों की पड़ताल की। इसमें नाली निर्माण, खड़ंजा, पंचायत भवन की मरम्मत, हैंडपंप रिबोर, विद्यालय की बाउंड्रीवाल तथा आवास योजना के लाभार्थियों के घरों का मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया गया। साथ ही कार्यों का मिलान माप पुस्तिका और भुगतान संबंधी अभिलेखों से किया गया।
खुली बैठक में ग्रामीणों से लिया गया फीडबैक
स्थलीय सत्यापन के बाद पंचायत भवन परिसर में खुली बैठक आयोजित की गई। इसमें बीआरपी संतोष कुमार पांडेय ने विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का बिंदुवार विवरण ग्रामीणों के सामने पढ़कर सुनाया तथा उनसे फीडबैक लिया। इस दौरान जॉब कार्ड, मस्टर रोल, कार्ययोजना रजिस्टर, आय-व्यय पंजिका और स्टॉक रजिस्टर सहित ग्राम पंचायत से संबंधित अभिलेख उपलब्ध पाए गए।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संतुष्टि जताई। ग्रामीणों ने बताया कि कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए गए हैं और निर्धारित समय में पूरे हुए हैं। इस दौरान कई ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के कार्यों की सराहना भी की।
सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद
सोशल ऑडिट के दौरान रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम पंचायत सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, आशा बहू सहित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई।
सोशल ऑडिट का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना और सरकारी धन के उचित उपयोग की निगरानी करना है। अमावा ग्राम पंचायत में आयोजित यह खुली बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।


