•नवरात्र में बढ़ी ग्राहकों की आवाजाही, करवाचौथ और धनतेरस के लिए आभूषणों की मांग में तेजी; कारोबारियों को 25 से 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद
मथुरा। सोने-चांदी की कीमतों में नरमी और बाजार में तेजी से बढ़ी ग्राहकों की दिलचस्पी ने सराफा कारोबार को नई रफ्तार दे दी है। शारदीय नवरात्र के साथ शुरू हुए त्योहारी खरीदारी के दौर में आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली को लेकर सराफा कारोबारी भी उत्साहित हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार त्योहारों के सीजन में बिक्री में अच्छा इजाफा होगा।
पिछले वर्ष 2025 के त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी और उतार-चढ़ाव के चलते ग्राहकों ने खरीदारी में सावधानी बरती थी। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों ने भारी आभूषणों के बजाय हल्के गहनों और सोने-चांदी के सिक्कों को प्राथमिकता दी थी। इस बार कीमतों में नरमी आने से ग्राहकों का रुझान फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
भाव में नरमी से मध्यमवर्ग को राहत
सराफा बाजार में सोने का भाव करीब 1.49 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी का भाव लगभग 2.18 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताया जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, कीमतों में स्थिरता रहने से ग्राहकों को अपने बजट के अनुसार खरीदारी की योजना बनाने में सहूलियत मिल रही है।
कृष्णा नगर स्थित राधा रानी ज्वैलर्स के संचालक पवन अग्रवाल ने बताया कि नवरात्र से ठीक पहले कीमतों में नरमी आने और बाजार में स्थिरता रहने से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। मध्यमवर्गीय परिवार भी अपनी क्षमता और बजट के मुताबिक आभूषण खरीद रहे हैं।
उन्होंने बताया कि करवाचौथ के लिए नए डिजाइन के आभूषण सेट और अन्य गहनों को पसंद किया जा रहा है। वहीं, धनतेरस को देखते हुए सोने-चांदी के सिक्कों की बुकिंग भी शुरू हो गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ ही बाजार में खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।
कारोबार में 30 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद
ज्वैलर्स मनीष सिंघल के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट से सराफा कारोबार को गति मिली है। नवरात्र के दौरान लोग त्योहारों के लिए खरीदारी करने के साथ आगामी लगन और शादी-समारोहों के लिए भी आभूषण खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी और त्योहारों को लेकर बाजार में बन रहे माहौल को देखते हुए इस वर्ष सराफा कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है। करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली के दौरान खरीदारी बढ़ने से कारोबारियों को बेहतर बिक्री की आस है।


