•बच्चों को बांटी जलेबी, केले और दक्षिणा, घुमंतू परिवारों की समस्याओं के समाधान का भी उठाया बीड़ा।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
सीतापुर। नवरात्र के पावन अवसर पर घुमंतू विमुक्त जनजाति परिषद की ओर से काशीराम कॉलोनी में कन्या भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। बच्चियों को दही, जलेबी और केले वितरित किए गए। इसके साथ ही प्रत्येक बच्ची और बच्चे को 10-10 रुपये दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में सेवा, दान और बेटियों के सम्मान की भावना विकसित करने के साथ ही घुमंतू समाज को मुख्यधारा से जोड़ना है।
परिषद के विभाग संयोजक अजय कुमार ने गोड़िया लोहार एवं लोहर बढ़ैया समुदाय के इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह समुदाय परंपरागत रूप से लोहे के औजार बनाने का काम करता रहा है। पहले ये परिवार बैलगाड़ियों पर अपने घरेलू सामान और औजार लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे। समय के साथ इनके पारंपरिक व्यवसाय में कमी आई है, जिसके चलते अनेक परिवार वेल्डिंग, कबाड़ के कारोबार और दिहाड़ी मजदूरी से आजीविका चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्थायी आवास और पते के अभाव में घुमंतू समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं, राशन कार्ड तथा जाति प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। घुमंतू विमुक्त जनजाति परिषद इन परिवारों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाकर उनके समाधान का प्रयास कर रही है। परिषद का उद्देश्य इन परिवारों को सामाजिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
कन्या भोज से बच्चों में विकसित होते हैं संस्कार
कार्यक्रम में राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने कन्या भोज की धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवरात्र में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा और भोजन कराने की परंपरा है। यह आयोजन नारी शक्ति के सम्मान और बेटियों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही दान, सेवा, सहयोग और बेटियों के सम्मान की शिक्षा दी जानी चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।
प्रशासन से समस्याओं के समाधान की पहल
आयोजकों ने बताया कि काशीराम कॉलोनी में रह रहे घुमंतू परिवारों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। प्रशासन की ओर से समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
कार्यक्रम में गोकरन प्रसाद, जिला समग्र ग्राम विकास प्रमुख, परिषद के सह जिला संयोजक आशुतोष सहित विनोद कुमार, शेर सिंह, हरि सिंह, सुमित, मोहित, दीपक सिंह, लल्ली, रेनू, आरती, सुशीला, मोनू, रघुवीर, किरण और काजल सहित परिषद के कार्यकर्ता एवं सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आयोजन की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। आयोजकों ने समाज के लोगों से जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की अपील की।


