Close Menu
Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 31
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • बस्ती मंडल
      • बस्ती
      • संत कबीर नगर
      • सिद्धार्थ नगर
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा मंडल
        • आगरा
        • फिरोजाबाद
        • मैनपुरी
        • मथुरा
      • अलीगढ़ मंडल
        • अलीगढ़
        • एटा
        • हाथरस
        • कासगंज
      • आजमगढ़ मंडल
        • आजमगढ़
        • बलिया
        • मऊ
      • अयोध्या मंडल
        • अयोध्या
        • अमेठी
        • बाराबंकी
        • सुल्तानपुर
      • बरेली मंडल
        • बरेली
        • बदायूं
        • पीलीभीत
        • शाहजहांपुर
      • चित्रकूट मंडल
        • चित्रकूट
        • बांदा
        • हमीरपुर
        • महोबा
      • गोरखपुर मंडल
        • गोरखपुर
        • देवरिया
        • कुशीनगर
        • महाराजगंज
      • झांसी मंडल
        • झांसी
        • जालौन
        • ललितपुर
      • कानपुर मंडल
        • औरैया
        • इटावा
        • फर्रुखाबाद
        • कन्नौज
        • कानपुर देहात
        • कानपुर नगर
      • लखनऊ मंडल
        • लखनऊ
        • हरदोई
        • लखीमपुर खीरी
        • रायबरेली
        • सीतापुर
        • उन्नाव
      • मेरठ मंडल
        • मेरठ
        • बागपत
        • बुलंदशहर
        • गौतम बुद्ध नगर
        • गाजियाबाद
        • हापुड़
      • मुरादाबाद मंडल
        • अमरोहा
        • बिजनौर
        • मुरादाबाद
        • रामपुर
        • संभल
      • प्रयागराज मंडल
        • प्रयागराज
        • फतेहपुर
        • कौशाम्बी
        • प्रतापगढ़
      • सहारनपुर मंडल
        • सहारनपुर
        • शामली
        • शामली
      • मिर्जापुर मंडल
        • मिर्जापुर
        • संत रविदास नगर
        • सोनभद्र
      • वाराणसी मंडल
        • वाराणसी
        • चंदौली
        • गाजीपुर
        • जौनपुर
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • उधम सिंह नगर
      • चंपावत
      • चमोली
      • टिहरी गढ़वाल
      • देहरादून
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • पौड़ी गढ़वाल
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • राष्ट्रीय
      • अरुणाचल प्रदेश
      • असम
      • आंध्र प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • ओडिशा
      • कर्नाटक
      • केरल
      • गुजरात
      • गोवा
      • छत्तीसगढ़
      • झारखंड
      • तमिलनाडु
      • तेलंगाना
      • त्रिपुरा
      • पश्चिम बंगाल
      • नई दिल्ली
      • नागालैंड
      • पंजाब
      • बिहार
      • मणिपुर
      • मध्य प्रदेश
      • महाराष्ट्र
      • मिजोरम
      • मेघालय
      • राजस्थान
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • विविध समाचार
      • अपराध
        • हत्या
        • लूट
        • पुलिस मुठभेड़
        • कोर्ट कानून
        • साइबर क्राइम
      • धर्म/आस्था
        • ज्योतिष
        • राशिफल
        • व्रत
        • त्योहार
        • कथा प्रवचन
      • यातायात
        • रेलवे समाचार
        • रोडवेज
        • एयरपोर्ट
      • शिक्षा
        • रोज़गार
      • हेल्थ/फिटनेस
        • घरेलू नुस्खे
      • ब्यूटी फैशन
        • लाइफस्टाइल
      • मौसम समाचार
      • खेल समाचार
      • राजनीति
      • चुनाव
      • उद्योग जगत समाचार
      • मनोरंजन समाचार
      • टेक्नोलॉजी समाचार
      • साहित्य समाचार
      • खाना खज़ाना समाचार
    • गैलरी
      • विशेष तस्वीरें
      • इवेंट
      • घटना स्थल
    • विशेष
      • इंटरव्यू
      • एक्सक्लूसिव
      • ग्राउंड रिपोर्ट
      • विश्लेषण
    • वीडियो
      • वीडियो न्यूज़
      • इंटरव्यू
      • ग्राउंड रिपोर्ट
    • सम्पादकीय
      • विशेष लेख
      • कालम
      • जनमत
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Home » फास्टैग और एएनपीआर डेटा पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर, संदिग्ध वाहनों की रियल-टाइम निगरानी की तैयारी।

    फास्टैग और एएनपीआर डेटा पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर, संदिग्ध वाहनों की रियल-टाइम निगरानी की तैयारी।

    P.K. RastogiBy P.K. RastogiAugust 17, 2026

    नई दिल्ली। देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा अब केवल टोल वसूली तक सीमित नहीं रहेंगे। फास्टैग और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरों से मिलने वाले वाहन संबंधी डेटा का इस्तेमाल वाहन चोरी रोकने, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के लिए किए जाने की तैयारी है।

    सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), पुलिस और अन्य अधिकृत सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों को जरूरत के अनुसार टोल प्लाजा से जुड़े वाहन डेटा तक नियंत्रित पहुंच दी जा सकती है। किसी ब्लैकलिस्टेड या संदिग्ध वाहन के टोल प्लाजा से गुजरते ही संबंधित एजेंसियों को रियल-टाइम अलर्ट मिलने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

    आतंकी गतिविधियों पर निगरानी होगी मजबूत

    सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अतीत में आतंकी घटनाओं में कार, ट्रक, वैन और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों का इस्तेमाल विस्फोटक पहुंचाने अथवा वाहनजनित आईईडी के लिए किया गया है। ऐसे में संदिग्ध वाहनों की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड जांच एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने में मदद कर सकता है।

    किसी आपराधिक या आतंकी घटना के बाद संबंधित वाहन के संभावित रूट का पता लगाने में भी टोल डेटा उपयोगी साबित हो सकता है।

    हिट एंड रन मामलों में मिलेगी मदद

    नई व्यवस्था का इस्तेमाल हिट एंड रन जैसे मामलों की जांच में भी किया जा सकेगा। दुर्घटना स्थल के आसपास स्थित टोल प्लाजा के टाइम-स्टैम्प और वाहन संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस संदिग्ध वाहन की आवाजाही का रूट तैयार कर सकती है। इससे फरार वाहन की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिलने की उम्मीद है।

    इसके अलावा लूट, डकैती, अपहरण और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों की जांच में भी टोल डेटा महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध करा सकता है।

    फर्जी नंबर प्लेट और क्लोन फास्टैग पर शिकंजा

    चोरी किए गए वाहनों को दूसरे राज्यों या सीमावर्ती क्षेत्रों में ले जाने के दौरान अपराधी कई बार फर्जी नंबर प्लेट या क्लोन फास्टैग का इस्तेमाल करते हैं। एएनपीआर कैमरों के माध्यम से वाहन की नंबर प्लेट की पहचान के साथ उसके अन्य दृश्य विवरणों का भी मिलान किया जा सकता है।

    यदि फास्टैग रिकॉर्ड और कैमरे से सामने आए वास्तविक वाहन के विवरण में अंतर मिलता है, तो ऐसे वाहन को संदिग्ध मानकर जांच की जा सकती है।

    डेटा की पहुंच रहेगी नियंत्रित

    वाहन संबंधी डेटा की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए इसकी पहुंच अधिकृत एजेंसियों तक सीमित रखने की व्यवस्था होगी। एनआईए, पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय और परिवहन विभाग जैसी अधिकृत एजेंसियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरत के अनुसार डेटा मांग सकेंगी।

    इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों के अनुरोध के आधार पर ही संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। आम लोगों के लिए यह डेटा सार्वजनिक नहीं होगा।

    इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों का टोल नेटवर्क केवल शुल्क वसूली का माध्यम न रहकर अपराध नियंत्रण, वाहन ट्रैकिंग और सुरक्षा निगरानी के लिए एक अतिरिक्त डिजिटल तंत्र के रूप में काम कर सकेगा।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn
    Previous ArticleLPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर: ई-केवाईसी नहीं कराई तो रुक सकती है गैस बुकिंग और डिलीवरी।
    Next Article मंगलायतन विश्वविद्यालय में मनाया गया एंटी-रैगिंग सप्ताह।
    P.K. Rastogi
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    पवन कुमार रस्तोगी पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में न्यूज़ पोर्टल में एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने एम.ए., बीएड, पत्रकारिता तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर क्षेत्र में एडीसीए तथा कला के क्षेत्र में बॉम्बे आर्ट जैसे पाठ्यक्रम भी पूर्ण किए हैं। समाचार लेखन, संपादन, जनसरोकार से जुड़े विषयों और डिजिटल पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। वे सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सरल, सटीक और विश्वसनीय ढंग से पाठकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

    Related Posts

    पानीपत में तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, नीतू यादव ने किया उद्घाटन।

    October 25, 2026

    रसायन विज्ञान को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करती पत्रिका ‘The Chemical Horizon’ का विमोचन।

    October 21, 2026

    आधी रात के बाद आसमान पर रखें नजर! दिखेंगी तेज रफ्तार से चमकती उल्काएं, जानिए कब और कैसे करें दीदार

    October 21, 2026

    Comments are closed.

    Don't Miss
    उत्तर प्रदेश

    ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश।

    By P.K. RastogiOctober 30, 20266

    •बर्डपुर नं. 10 में आयोजित चौपाल में मतदाता सूची, जनगणना, टीकाकरण और राशन वितरण की…

    मंगल कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ सेमरहना, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा गांव।

    October 30, 2026

    महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी : बबीता सिंह चौहान

    October 30, 2026

    70 विद्यालयों के शिक्षकों को दिया गया विधिक साक्षरता का प्रशिक्षण।

    October 30, 2026
    About Us
    About Us

    विजयदूत समाचार पत्र का प्रकाशन सन् 1972 में प्रारम्भ हुआ । जो भारत नेपाल सीमांचल इलाकों से होते हुए पूर्वी उ0प्र0 में खबरों का एक सशक्त माध्यम बन गया। विजयदूत समय-समय पर अपने पैनी एवं धारदार खबरों से इतिहास का साक्षी बना। इमरजेन्सी का दौर रहा हो या फिर 1984 के सिख विरोधी दंगो का समय रहा हो, विजयदूत अपनी बेबाक टिप्पणी से सत्य को उजागर करता रहा और समाचारों की पड़ताल कर आम जनमानस का लोकप्रिय पत्र बन गया।

    Facebook X (Twitter) YouTube
    Latest News

    ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश।

    October 30, 2026

    मंगल कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ सेमरहना, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा गांव।

    October 30, 2026

    महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी : बबीता सिंह चौहान

    October 30, 2026

    70 विद्यालयों के शिक्षकों को दिया गया विधिक साक्षरता का प्रशिक्षण।

    October 30, 2026
    Most Popular

    पत्रकार को थाने ले जाकर 6,400 रुपये लेने और 20 हजार मांगने का आरोप।

    October 9, 2026170

    ट्रेड शो में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग, नवाचार और उद्यमिता की बारीकियां।

    September 28, 2026113

    नवागत जिलाधिकारी से पूर्व सैनिकों ने की शिष्टाचार भेंट

    October 5, 2026108

    मन्नत गणेश की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।

    September 26, 202685
    © 2026 www.vijaydoot.com | Designed by www.WizInfotech.com.
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Contact us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.