•तापमान 40 डिग्री पार, स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं; मानसून का इंतजार
कुदरहा। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले नौतपा का असर इन दिनों कुदरहा विकास क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते तापमान और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर ढंककर और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा वह नौ दिन होते हैं, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और उसकी किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस दौरान गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। इस वर्ष नौतपा की शुरुआत 25 मई से हुई है और यह 2 जून तक रहेगा।
उमस ने बढ़ाई परेशानी
कुदरहा क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। वहीं वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस लोगों को और अधिक परेशान कर रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। पंखे और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं।
बढ़ रहे गर्मी जनित रोग
भीषण गर्मी और उमस के चलते डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, दस्त एवं अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। चिकित्सकों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
किसानों की बढ़ी चिंता
नौतपा का सीधा संबंध मानसून और कृषि से भी माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार यदि नौतपा अधिक तपता है तो अच्छी बारिश होती है। हालांकि वर्तमान समय में भीषण गर्मी का असर खेतों और फसलों पर भी पड़ रहा है। किसान अब राहत भरी बारिश और मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं।
सावधानी बरतने की अपील
विशेषज्ञों ने लोगों से अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अधिक पानी पीने, खाली पेट बाहर न निकलने, धूप से बचने तथा बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर नौतपा के चलते कुदरहा विकास क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग अब मानसून की पहली बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।