•आवेदक ने अधिकारियों पर उत्पीड़न और पक्षपात का लगाया आरोप, एसडीआई नाथनगर भी सवालों के घेरे में
संत कबीर नगर। जनपद के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नाथनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पुतसर निवासी अनिल प्रजापति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल प्रजापति द्वारा गरीब बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से संचालित नवसृजित शिक्षण संस्थान “एडीवी इन्वेंशन एकेडमी” के लिए डिम्ड औपबंधिक (अस्थायी) मान्यता हेतु आवेदन किया गया था। आवेदक का कहना है कि विद्यालय संचालन के लिए आवश्यक प्रारंभिक मानकों को पूरा करते हुए उन्होंने संबंधित विभाग में भौतिक आवेदन प्रस्तुत किया है।
आरोप है कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी तथा कथित शिक्षा माफिया विद्यालय को मान्यता न मिलने देने के लिए लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसी क्रम में एसडीआई नाथनगर द्वारा विद्यालय के मानकों पर सवाल उठाते हुए विभिन्न प्रकार के नोटिस जारी किए गए, जिससे विद्यालय संचालन पर संकट खड़ा हो गया है।
मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संतकबीरनगर द्वारा आवेदक को कार्यालय बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा गया। इस दौरान आवेदक ने लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि अस्थायी मान्यता के लिए निर्धारित आवश्यक शर्तों को वह पूरा कर चुके हैं तथा नियमानुसार उन्हें औपबंधिक मान्यता प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी मान्यता हेतु आवश्यक शेष मानकों को वह निर्धारित तीन वर्ष की अवधि के भीतर पूरा कर लेंगे।
मामले को लेकर तब और चर्चा तेज हो गई जब जानकारी लेने पहुंचे प्रतिनिधियों को कथित रूप से स्थायी मान्यता संबंधी शासनादेश दिखाकर समझाने का प्रयास किया गया, जबकि जानकारों का कहना है कि औपबंधिक मान्यता के लिए अलग प्रावधान मौजूद हैं। नियमों के अनुसार, प्रारंभिक शर्तें पूरी करने वाले संस्थानों को अस्थायी मान्यता प्रदान की जाती है और बाद में स्थायी मान्यता हेतु समय दिया जाता है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि विभागीय “सिस्टम” के अनुरूप कार्य न करने के कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और विद्यालय बंद कराने की साजिश रची जा रही है।फिलहाल यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद सत्य सामने आता है या नहीं।