•डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल में आयोजित कार्यशाला में दृष्टि बाधित एवं बहुविकलांग बच्चों की समय पर पहचान और पुनर्वास पर दिया गया जोर
रिपोर्ट: विजय नागपाल।


मथुरा। डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल, मथुरा शाखा द्वारा सोमवार को “दृष्टि बाधित एवं बहुविकलांगता वाले बच्चों (एमडीवीआई) की पहचान” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को ऐसे बच्चों की प्रारंभिक पहचान के लिए प्रशिक्षित करना था, जो दृष्टि बाधित होने के साथ अन्य शारीरिक या मानसिक चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कुंवर नरेन्द्र सिंह का पारंपरिक वाद्य-धुनों के बीच फूल-माला, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने आशा कार्यकर्ताओं को एमडीवीआई बच्चों के लक्षणों की पहचान, परिवारों से संवाद स्थापित करने तथा उन्हें सरकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय रहते पहचान होने पर ऐसे बच्चों को उपचार, सहायक उपकरण तथा पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें क्षेत्र में कार्य करने के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक सहायता दिलाने में मदद मिलेगी।
हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि यह पहल एसबीआई फाउंडेशन, टकजीवी साथनार एवं पर्किन्स इंडिया के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर दृष्टि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा समावेशी स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता एमडीवीआई बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे जिले में समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।