•फॉलोवर्स और लाइक्स के चक्कर में जान जोखिम में न डालें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो बनाना दंडनीय अपराध।
रिपोर्ट: एल०एम० पाण्डेय।
गोरखपुर। रेल यात्रियों की सुरक्षित, संरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन लगातार बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रहा है। इसी क्रम में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है तथा ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रैकों का तेजी से नवीनीकरण किया जा रहा है।
इसी बीच पूर्वोत्तर रेलवे ने रेलवे ट्रैक और प्रतिबंधित क्षेत्रों में रील एवं सेल्फी बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स और लाइक्स बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ युवा रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म और अन्य संवेदनशील स्थानों पर रील बनाने तथा सेल्फी लेने के दौरान अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जिससे कई दुर्घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के प्रतिबंधित स्थलों एवं उपकरणों का अनधिकृत रूप से वीडियो बनाना या रील तैयार करना रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध जुर्माना एवं कारावास दोनों की कार्रवाई की जा सकती है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों और आमजन से अपील की है कि वे रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा किसी भी परिस्थिति में जान जोखिम में डालकर रील या सेल्फी न बनाएं। साथ ही एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज का उपयोग करें और रेलवे लाइन पार करने के लिए केवल रोड ओवरब्रिज, अंडरपास (आरयूबी/एलएचएस) अथवा अधिकृत रेलवे समपार का ही प्रयोग करें।
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित जीवन के लिए जागरूकता एवं नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। रेलवे के विकास और सुरक्षा अभियान में आमजन का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।