बस्ती। राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर कुसौरा से कलवारी तक सड़क के किनारे और डिवाइडर पर उगी झाड़ियां तथा पेड़ों की लटकती और कटीली टहनियां राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां सड़क तक झुक गई हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को चोट लगने का खतरा बना हुआ है और वाहन चालकों की दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़ियों और लटकती टहनियां रात में दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं कई जगह कटीली टहनियां सड़क के किनारे तक फैल गई हैं, जिनसे बाइक और साइकिल सवारों के घायल होने का खतरा बढ़ गया है।
राहगीर अभिषेक यादव ने बताया, “रात के समय हम घर लौट रहे थे। अचानक सड़क किनारे लटक रही कटीली टहनियों में मेरा सिर फंस गया, जिससे मुझे काफी चोट लगी। यदि तेज रफ्तार में होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।”
एक अन्य राहगीर अब्दुर रहीम ने बताया, “कई जगह झाड़ियां और टहनियां इतनी फैली हुई हैं कि हमें मजबूरी में सड़क के बीच या गलत दिशा की ओर निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बावजूद लंबे समय से झाड़ियों और पेड़ों की छंटाई नहीं कराई गई है। इससे सड़क की चौड़ाई भी कम दिखाई देती है और रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।
क्षेत्रवासियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से मांग की है कि कुसौरा से कलवारी तक सड़क किनारे फैली झाड़ियों और लटकती कटीली टहनियों की तत्काल सफाई एवं छंटाई कराई जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।