•मनोरमा नदी के संरक्षण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने की उठी मांग।
बस्ती। मनोरमा नदी को स्वच्छ, अविरल और अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग को लेकर आयोजित ‘मनोरमा जनजागृति यात्रा’ जनसहभागिता के व्यापक उत्साह के साथ संपन्न हुई। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के नेतृत्व में निकली यह यात्रा मखौड़ा धाम से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय, बस्ती तक लगभग 65 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पहुंची। यात्रा में हजारों लोगों ने मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों के माध्यम से सहभागिता की।
मखौड़ा धाम में आयोजित उद्घाटन सभा को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने मनोरमा नदी और मखौड़ा धाम के ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और नदियों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उनके अनुसार मनोरमा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय संतुलन की पहचान है।
सभा के बाद जनजागरण यात्रा हजारों समर्थकों के साथ आगे बढ़ी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने यात्रियों का स्वागत किया तथा जलपान की व्यवस्था की। आयोजकों के अनुसार छोटी नदियों के संरक्षण और स्वच्छता को समर्पित यह प्रदेश की सबसे लंबी और बड़ी जनजागरण यात्राओं में शामिल रही।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मनोरमा नदी से अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा नदी पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग की। इस दौरान अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी हुई। प्रतिनिधिमंडल को विकास भवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया, लेकिन अपेक्षित संख्या में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका।
श्री पाण्डेय ने कहा कि नदी संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रशासन को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ दशक से मनोरमा नदी के संरक्षण के लिए ज्ञापन, पत्राचार, धरना-प्रदर्शन और सुझावों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। साथ ही स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से विभिन्न घाटों के आसपास लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर 1500 कुंतल से अधिक मलबा हटाया गया है।
उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने का अभियान किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण, जनहित और भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
इस अवसर पर शिवचरन जायसवाल, शक्तीदीप पाठक, विमलेन्द्र सिंह, अनुज त्रिपाठी, विनोद चौधरी, अवशेष पाठक, अभिषेक शर्मा, हीरालाल वर्मा, अवधेश वर्मा, रत्नेश श्रीवास्तव, देवशरण शुक्ल, उमानाथ द्विवेदी, राहुल शास्त्री, अतुल शास्त्री, विवेक पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, पशुपतिनाथ चौबे, नवीन तिवारी सहित हजारों कार्यकर्ता, समर्थक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।