•जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव बोले- रोजगार छीनना नहीं, बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा, जहां कातिबों (दस्तावेज लेखकों) और अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत कातिबों और वकीलों से मुलाकात कर उन्हें पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने रजिस्ट्री कार्यालयों में वर्षों से कार्यरत कातिबों का कार्य एक निजी संस्था को सौंपकर हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार छीनने का मामला नहीं है, बल्कि मेहनतकश लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि कातिब वर्षों से जनता और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते रहे हैं। भूमि, मकान और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज तैयार कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय निजीकरण का रास्ता अपनाया है।
वीरेंद्र यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि वह आखिर किसके हित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थाओं को यह कार्य सौंपे जाने से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है तथा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, कातिबों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके साथ न्याय किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ रोजगार छीनना नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित करना होना चाहिए। समाजवादी पार्टी दस्तावेज लेखकों के इस संघर्ष में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
इस दौरान जिला महासचिव सुभाष पाल, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, लोहिया वाहिनी के अध्यक्ष सोनू ठाकुर, अल्पसंख्यक सभा के अध्यक्ष नजीम अब्बासी, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी तथा लोहिया वाहिनी के उपाध्यक्ष संगम सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।