रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। घीया मंडी स्थित प्राचीन श्री रामचंद्र जी महाराज मंदिर में श्री राम जन्म महोत्सव समिति के तत्वावधान में भगवान श्री रामचंद्र जी महाराज का 104वां पाटोत्सव बुधवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल पंचामृत अभिषेक, विशेष पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के श्रीचरणों में पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा मंगलमय जीवन की कामना की। दिनभर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों एवं दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा।
सायंकाल आयोजित भव्य भजन संध्या में श्री श्यामश्याम संकीर्तन मंडल के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोषों से गूंज उठा।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बंसल (भगत जी) ने कहा कि पाटोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए इसी प्रकार कार्य करते रहने का आह्वान किया।
महामंत्री मनु ऋषि त्रिवेदी ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को सत्य, मर्यादा और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समिति के सेवक हेमंत चतुर्वेदी ने कहा कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण की भावना को सुदृढ़ करने का भी माध्यम है। वहीं समिति के प्रवक्ता श्याम शर्मा ने बताया कि 104वें पाटोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पाटोत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा एवं मनोहारी विद्युत रोशनी से सजाया गया था, जिसने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर राजेंद्र बंसल (भगत जी), मनु ऋषि त्रिवेदी, हेमंत चतुर्वेदी, संजीव शर्मा, हेमू, अनिल पंडित, पीयूष शर्मा, ध्रुव शर्मा, नितिन चतुर्वेदी, मुखिया चंद्रप्रकाश, रुचि द्विवेदी, रुचि शर्मा, रमा शर्मा, श्याम शर्मा, केशव पंडा, निखिल वार्ष्णेय, चिन्मय शर्मा, डॉ. संजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।