•दोहरीघाट-औंड़िहार ट्रेन का वाराणसी सिटी तक हुआ विस्तार
•रेल मंत्री ने कहा—11 मई को किया वादा समय पर निभाया।
छपरा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को छपरा जंक्शन पर आयोजित समारोह में छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस तथा दोहरीघाट-औंड़िहार ट्रेन सेवा का वाराणसी सिटी तक मार्ग विस्तार का भी शुभारंभ किया। रेल मंत्रालय के अनुसार इन नई सेवाओं से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों को दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए बेहतर, सुरक्षित और किफायती रेल संपर्क उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 11 मई को दोहरीघाट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिन रेल सेवाओं की घोषणा की गई थी, उन्हें तय समय सीमा में शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है और रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ नई लाइनें, तीसरी-चौथी लाइन, रोड ओवरब्रिज तथा स्टेशनों के पुनर्विकास पर तेजी से कार्य हो रहा है।
रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बिहार के 98 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 14 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हैं और भविष्य में बुलेट ट्रेन परियोजना के माध्यम से दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, पटना तथा सिलीगुड़ी को जोड़ा जाएगा। उनका दावा था कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा लगभग चार घंटे 41 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस के संचालन की लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस ट्रेन से छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और दिल्ली के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि छपरा-दिल्ली एवं मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन तथा दोहरीघाट-औंड़िहार ट्रेन के वाराणसी सिटी तक विस्तार से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है तथा राज्य के अधिकांश जिले रेल नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
समारोह के दौरान मढ़ौरा लोकोमोटिव फैक्ट्री से गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने वाले 51वें रेल इंजन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ और भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, सांसद राजीव प्रताप रूडी, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, राजीव राय, पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे।