- अखाड़े के उस्ताद खलीफाओं ने दिखाये अपनी कला के हैरतअंगेज करतब
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। गुरुवार को मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन की याद में दूसरी मोहर्रम का अलम का जुलूस सादगी और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस की अगुवाई मोहम्मद निजाम पुत्र अमरउद्दीन ने की।
खारी कुआं से शुरू होकर पूरे शहर का भ्रमण करता हुआ वापस खारी कुआं पर संपन्न हुआ जुलूस।
शाम 7:30 बजे खारी कुआं से अलम का जुलूस प्रारम्भ हुआ। जुलूस भरतपुर गेट, कोतवाली रोड होते हुए सराय होली गेट पहुंचा। यहां से चाह कठौती, कोतवाली रोड, मनोहरपुरा, मटिया दरवाजा, बरबार पाड़ा, जामा मस्जिद, चौक बाजार में अलम जमे और अखाड़ा जमा हुआ।
चौक बाजार में अखाड़े के उस्ताद खलीफाओं ने बिराह बांटी आदि हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया।
इसके बाद जुलूस कुशक गली, हनुमान टीला, इमाम बाड़ा, काजी पाड़ा, चूड़ी वाली गली, नक्कारची टीला, चौक बाजार, घीया मण्डी होता हुआ देर रात खारी कुआं पर समाप्त हुआ। जुलूस के मार्गों में जगह-जगह लंगर खाना, सबील, मीठे दूध का शरबत, खीर, आइसक्रीम, मिठाई आदि का वितरण किया गया। अकीदतमंदों और राहगीरों ने ठंडे शरबत व खीर-आइसक्रीम का लुत्फ उठाया।
इस मौके पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष भूरा शेख और सचिव अबरार खान वारसी ने सभी अलमदार, अखाड़ेदार और ताजियेदारों के उस्ताद खलीफाओं को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपनी-अपनी तारीखों के जुलूसों को प्रेम, सौहार्द, शांति और सद्भावना के साथ सादगी से निकालें। मोहर्रम का पैगाम ही नफरत मिटाकर इंसानियत और भाईचारे की मिसाल कायम करना है।
मोहर्रम कमेटी के सरपरस्त हाजी सूफी सईद हसन ने बताया कि मोहर्रम माह का आगाज़ पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे हज़रत इमाम हुसैन की याद में होता है। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने कर्बला के मैदान में यज़ीद की ज़ालिम हुकूमत के खिलाफ हक और इंसाफ की खातिर अपने परिवार के साथ अपनी जान की कुर्बानी दी थी। यज़ीद की गलत बैअत यानी नाजायज समर्थन स्वीकार करने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। कर्बला की यह घटना इंसानियत को ज़ुल्म के खिलाफ डटे रहने का पैगाम देती है।
सुरक्षा के दृष्टिगत जुलूस के साथ पुलिस बल और मोहर्रम कमेटी पदाधिकारी साथ-साथ चल रहे थे। पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस मौके पर भूरा शेख़ अध्यक्ष, अबरार खान वारसी सचिव, हाजी सूफी सईद हसन सरपरस्त, जहीर अब्बास जैदी उपाध्यक्ष, बबलू कुरैशी, डॉ शबनम कुरैशी, शारिक अली एडवोकेट, कासिम गाजी, बदले खलीफा, आरिफ कुरैशी, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी, नासिर अली, क़ायम, नौशाद ख़ान, आशिफ कुरैशी आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।