मोहर्रम की 4 तारीख : कुशक गली से निकलें 52 तलवारी अलमों के जुलूस।

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मथुरा। 20 जून 2026 को हज़रत इमाम हुसैन की कर्बला की शहादत को याद करते हुए शुक्रवार को मोहर्रम की 4 तारीख के परम्परागत अलम-अखाड़ा जुलूस अकीदत और सादगी के साथ निकाला गया।

पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन और उनके परिवार व काफिले वालों ने इस्लाम की रक्षा के लिए कर्बला में शहादत का जाम पिया था। उसी शहादत की याद में मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के अध्यक्ष भूरा शेख़ और सचिव अबरार खान वारसी के तत्वावधान में सलीम अहमद के नेतृत्व में 52 तलवारी अलमों का जुलूस रात 8 बजे कुशक गली से रवाना हुआ।

जुलूस में 52 तलवारी अलमों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने अलमों पर सोने-चांदी के मन्नत के धागे बांधकर हज़रत इमाम हुसैन से मुरादें मांगीं। जुलूस को देखने के लिए काफी संख्या में महिला-पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा मार्ग अकीदतमंदों से खचाखच भरा रहा।

जुलूस कुशक गली से प्रारम्भ होकर हनुमान टीला, काज़ी पाड़ा, चूड़ी वाली गली, नककारची टीला, चौक बाजार, घीया मण्डी, भरतपुर गेट, मनोहरपुरा, मटिया दरवाजा, बरबार पाड़ा, मण्डी रामदास, ठेक नारनौल, खिड़की बिसायती, हालन गंज, वृन्दावन गेट, जामा मस्जिद होते हुए चौक बाजार पहुंचा। चौक बाजार में अलम जमें और अखाड़ा जमने के बाद जुलूस वापस कुशक गली आकर समाप्त हुआ। जुलूस मार्गों के बाद अखाड़े के उस्ताद खलीफाओं ने बिराह बांटी, लठ्ठ बाजी आदि कलां के हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया।

मोहर्रम कमेटी सचिव ने कहा कि मोहर्रम माह में सभी अलम और अखाड़े के जुलूस प्रेम, सौहार्द और शांति-सद्भावना के साथ निकाले जा रहे हैं। परम्परागत जुलूसों के मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए मीठे दूध की सबील, हलवा, शरबत, मीठे पानी की प्याऊ, खीर, जर्दा, बेज बिरयानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक आदि मिष्ठान वितरण किया जा रहा है।

मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष भूरा शेख़ ने सभी अलमदारों, अखाड़ेदारों और उस्ताद खलीफाओं से अपील की कि अपनी-अपनी तारीखों के जुलूसों को बहुत सादगी के माहौल में निकालें, क्योंकि यह माह बहुत सादगी और इबादत का है। इसी महीने हज़रत इमाम हुसैन और उनके परिवार व काफिले वालों ने कर्बला में शहादत दी थी।

जुलूस में सुरक्षा के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और मोहर्रम कमेटी पदाधिकारी भी साथ-साथ चल रहे थे। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और बेहतर प्रबंधन की सराहना की गई। जुलूस मार्गों की साफ-सफाई की भी प्रशंसा की गई, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई।

इस मौके पर भूरा शेख़ अध्यक्ष, अबरार खान वारसी सचिव, हाजी सूफी सईद हसन, जहीर अब्बास जैदी, बबलू कुरैशी, डॉ शबनम कुरैशी, शारिक अली एडवोकेट, कासिम गाजी, बदले खलीफा, आरिफ कुरैशी, निशाद अहमद, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी पत्रकार, नासिर अली, क़ायम, नौशाद ख़ान, आशिफ कुरैशी, आरिफ खान, जीशान खान, इकरार अंसारी, नुशरत अली खान, नीम अब्बासी आदि मौजूद रहे।

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