लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया के कोचिंग सेंटर एवं गेमिंग जोन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तत्काल लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे की विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।




इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि किसी की जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती, लेकिन दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे की गहन जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत तथा जिलाधिकारी विशाख जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने सामाजिक माध्यम एक्स पर जारी संदेश में कहा कि लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और सुरक्षा मानकों में हुई किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।