•निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की उठी मांग।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुई हृदयविदारक दुर्घटना में दिवंगत छात्र-छात्राओं की स्मृति में श्री वामन भगवान महोत्सव समिति द्वारा बुधवार को गोपाल मंदिर, नारायण दास ट्रस्ट, जयसिंहपुरा, मथुरा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने दिवंगत विद्यार्थियों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कार्यक्रम का प्रारंभ दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर किया गया। इसके उपरांत उपस्थित वक्ताओं ने हादसे को अत्यंत पीड़ादायक, मर्मांतक और समाज को झकझोर देने वाली घटना बताते हुए कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं केवल परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को गहरे आघात पहुंचाती हैं।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक श्याम शर्मा ने कहा कि अलीगंज कोचिंग सेंटर में हुई यह घटना बेहद दुःखद, वेदनापूर्ण और हृदयविदारक है। इस हादसे ने कई परिवारों की आशाओं, सपनों और भविष्य को एक क्षण में छीन लिया है। छात्र-छात्राएं किसी भी राष्ट्र और समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं; ऐसे में उनका असमय निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि यह घटना हर संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक व्यथित करने वाली है। वहीं श्याम शर्मा ने दिवंगत विद्यार्थियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।समिति के मुख्य संरक्षक रामगोपाल शर्मा ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चों को खो देना जीवन का सबसे बड़ा दुःख और असहनीय आघात होता है।
उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल पीड़ित परिवारों का निजी शोक नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदना से जुड़ा विषय है। ऐसे कठिन समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हो। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कठोरता से पालन सुनिश्चित कराया जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस दौरान वंदना पाराशर ने कहा कि अलीगंज की यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और मन को झकझोर देने वाली है। इस प्रकार की घटनाएं समाज को भीतर तक व्यथित कर देती हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि हादसे में घायल विद्यार्थियों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले तथा शोक संतप्त परिवारों को धैर्य, साहस और संबल प्राप्त हो। समिति की ओर से घायलों के समुचित उपचार एवं शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना व्यक्त की गई।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह घटना केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा भर नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करती है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया होता, तो संभव है कि इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच कराई जाए तथा जो भी व्यक्ति या संस्था लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाएं, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में दिवंगत छात्र-छात्राओं की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। समिति के महामंत्री अर्जुन पंडित ने कहा समाज के सुख-दुःख में समिति सदैव सहभागी रही है और आगे भी जनभावनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं के साथ खड़ी रहेगी।
श्रद्धांजलि सभा में आशीष शर्मा, अर्जुन पंडित, कुलदीप शर्मा, वंदना पाराशर, राजा ज्ञानेंद्र दीक्षित, अजय शर्मा, लाला ललित स्वामी, राहुल शर्मा, दीपक सिंघल, मनीष अग्रवाल, नंद किशोर शर्मा सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।