रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। फार्मासिस्टों के हित और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ‘अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन’ द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नरेंद्र कश्यप ने प्रदेश के माननीय उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।
राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने पत्र में उप मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह व प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार द्वारा सौंपे गए प्रार्थना-पत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए फार्मासिस्टों के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में उत्तर प्रदेश में फार्मासिस्ट के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की करने, उपकेंद्रों पर फार्मासिस्ट के पद सृजित करते हुए नियुक्ति करने, फार्मेसी प्रैक्टिस एंड रेगुलेशन एक्ट (2015) को कोर्ट द्वारा आदेश का अनुपालन कराए जाने, होलसेल दवा व्यवसाय में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता करने,शेड्यूल के को समाप्त करते हुए हर जगह दवा का वितरण, भंडारण एवं रख रखाव सिर्फ फार्मासिस्ट से कराए जाने, सी.एच.ओ. की भर्ती के लिए ब्रिज कोर्स कराकर फार्मासिस्ट की नियुक्ति की जाए, सभी फार्मेसी पर फार्मासिस्ट की भौतिक उपस्थिती अनिवार्य की जाए, फार्मेसी लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट का आधार संबंधित जिले का होना अनिवार्य किया जाए, ऑनलाइन फार्मेसी (दवा वितरण) को प्रतिबंधित किया जाए जैसी मांगें शामिल हैं।
इस अवसर पर डा.राजाराम गंगवार राष्ट्रीय सचिव, शिव कुमार प्रदेश अध्यक्ष उ.प्र., विष्णु यादव प्रदेश महासचिव, नदीम खान, हर्षित अग्रवाल, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।