रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बीते दिवस जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में ओपीडी, आईपीडी, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत योजना, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एंबुलेंस सेवाएं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पीसीपीएनडीटी सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा गर्मी के मौसम को देखते हुए पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्साधिकारी समय पर अस्पताल पहुंचें और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ को अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पीसीपीएनडीटी समिति को कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच कर अनियमितता मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
बैठक में चिकित्सीय उपकरणों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की उपचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सके।
बैठक में बताया गया कि जनपद में 28 जून से पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान शुरू होगा। इसके तहत 28 जून को बूथ दिवस, 29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी तथा 6 जुलाई को बी-टीम गतिविधि संचालित होगी। ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों और घुमंतू परिवारों सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने, गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी निर्माण, टीबी जांच, नियमित टीकाकरण और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास करने पर भी बल दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. नीरज अग्रवाल सहित सभी एसीएमओ एवं एमओआईसी उपस्थित रहे।