रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल डॉक्टर्स डे) उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विविध सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पीजी छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा जगत के पुरोधा डॉ. बिधान चंद्र रॉय के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।



कार्यक्रम का शुभारंभ केडी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, प्रति-कुलपति डॉ. गौरव सिंह, डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अरुण अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर तथा डॉ. अमनजोत कौर चौहान ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सक देश के हेल्थकेयर सिस्टम की मजबूत नींव हैं। उनका निस्वार्थ समर्पण, सेवा भावना और मानवीय दृष्टिकोण स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि डॉक्टरों की मेहनत, करुणा और समर्पण को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने बताया कि यह दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “Behind the Mask: Who Heals the Healers?” है, जो चिकित्सकों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करती है।
डॉ. अशोका ने कहा कि संकट की घड़ी में जीवन बचाने से लेकर चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने तक डॉक्टरों की भूमिका अतुलनीय है। उन्होंने चिकित्सकों से सेवाभाव और उत्कृष्ट कार्यशैली के माध्यम से केडी हॉस्पिटल की प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने डॉ. बिधान चंद्र रॉय के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका समर्पण, करुणा और चिकित्सा सेवा के प्रति अटूट निष्ठा आज भी चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की प्रतिबद्धता और कठिन परिश्रम ही देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक शक्ति है।
उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर ने चिकित्सकों और विभागाध्यक्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डॉक्टर न केवल मरीजों का उपचार करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीक के उपयोग से बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान हेल्थकेयर विषय पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनम बिलावारिया ने किया, जबकि आभार ज्ञापन डॉ. अमनजोत कौर चौहान ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सक, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।