•सात सूत्रीय मांगें रखीं, एसडीएम गोवर्धन को हटाने की भी उठाई मांग।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
गोवर्धन (मथुरा)। गोवर्धन क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर एक बार फिर स्थानीय बेटियों ने मोर्चा खोल दिया है। कुछ माह पहले तहसील में रजिस्ट्री व्यवस्था बहाल कराने की मांग को लेकर एक युवती पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। अब समाजसेविका एवं धर्माचार्य चौधरी विनोदी सिंह ने मानसी गंगा में लगातार हो रही श्रद्धालुओं की मौतों और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में मानसी गंगा तट पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
अनशनकारियों का कहना है कि बीते कुछ महीनों में मानसी गंगा में डूबने से 8-9 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय अब तक प्रभावी सुरक्षा इंतजाम नहीं कर सके हैं। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
मानसी गंगा में सुरक्षा व्यवस्था की मांग
चौधरी विनोदी सिंह ने सात सूत्रीय मांगों के साथ आमरण अनशन शुरू करते हुए कहा कि मानसी गंगा, राधाकुंड और अन्य पवित्र कुंडों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्नान की समुचित व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक अनशन जारी रहेगा।
एसडीएम गोवर्धन को हटाने की मांग
अनशन के दौरान लगाए गए बैनर में एसडीएम गोवर्धन को उनकी कार्यशैली के चलते हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। चौधरी विनोदी सिंह ने बताया कि वह पूर्व में भी जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर एसडीएम को हटाने की मांग कर चुकी हैं।
‘करोड़ों खर्च हुए, फिर भी नहीं बदली मानसी गंगा की तस्वीर’
अनशनकारियों का आरोप है कि मानसी गंगा को झील का दर्जा मिलने और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद इसका अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के कारण विकास कार्यों का लाभ धरातल पर दिखाई नहीं देता। नगर पंचायत और संबंधित विभागों की उदासीनता से मानसी गंगा की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
अनशन स्थल पर नहीं मिली मूलभूत सुविधाएं
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अनशन स्थल पर प्रशासन की ओर से चिकित्सक, स्वास्थ्य परीक्षण या अन्य आवश्यक सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर होती है।
संतों और स्थानीय लोगों का मिला समर्थन
आमरण अनशन में डॉ. केशव आचार्य गोस्वामी, कात्यायन पचौरी, बृजराज ठाकुर सहित अनेक संत-महंत एवं स्थानीय लोगों ने समर्थन दिया। इस दौरान राजकुमार लवानिया, मनीष मोहन शर्मा, राहुल मोहन शर्मा, प्रेमचंद शर्मा, लकी ठाकुर, सुनील शर्मा, पवन स्वामी, डालचंद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।