•बेलपत्र व ताल मखाने की विशेष माला पहनाकर किया अभिनंदन, गौ संरक्षण व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए जनजागरण का किया आह्वान।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। महर्षि दधीचि की पावन तपोभूमि मिश्रिख पहुंचने पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। नहर चौराहे पर कांग्रेस नेता संतोष भार्गव ‘सत्या’ के नेतृत्व में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार अभिनंदन किया।

इस अवसर पर संतोष भार्गव ‘सत्या’ ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बेलपत्र एवं ताल मखाने से विशेष रूप से तैयार की गई माला पहनाकर सम्मानित किया। स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं ने जयघोष कर उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इन दिनों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण अभियान के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। उनके मिश्रिख आगमन से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बाद में महर्षि दधीचि गेस्ट हाउस में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक एवं पूर्व कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने माल्यार्पण कर उनका विधिवत स्वागत एवं पूजन-अर्चन किया।
अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करना तथा गाय को केवल पशु नहीं, बल्कि माता के रूप में सम्मान दिलाने के लिए जनजागरण करना है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर समाज को गौ संरक्षण के लिए एकजुट होने का संदेश दे रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, कांग्रेस कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।