रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। मथुरा-वृंदावन में ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 12 से 14 जुलाई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन के अनुसार इस दौरान नगर निगम क्षेत्र में करीब 27 हजार ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मथुरा-वृंदावन ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि पिछले चार महीनों से पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनका आरोप है कि मामूली कारणों पर 20-20 हजार रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं तथा वाहनों को सीज किया जा रहा है, जिससे चालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूट नंबर आवंटित करने के नाम पर प्रत्येक चालक से करीब तीन हजार रुपये लिए गए, लेकिन अब तक न तो स्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यूनियन का कहना है कि वर्तमान रूट प्रणाली चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है और इसी के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
यूनियन ने प्रशासन से रूट सिस्टम समाप्त करने, भारी चालानों और वाहन सीज करने की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों के लिए उचित पार्किंग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो तीनों दिनों तक मथुरा-वृंदावन में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि, इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।