रिपोर्ट: सौरभ पाठक।
अलीगढ़। डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ, अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे छात्रों की समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने छात्रों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।
धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि धरने पर बैठे छात्र केवल प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने भविष्य, वर्षों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदों के साथ न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब कोई विद्यार्थी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लंबे समय तक परिश्रम करने के बाद अपनी बात रखने के लिए सड़क पर बैठने को मजबूर हो जाए, तो यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवस्था पर उसके भरोसे का भी प्रश्न बन जाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की बात सुनने और उनसे संवाद स्थापित करने में निहित है। इसलिए छात्र प्रतिनिधियों से सकारात्मक बातचीत कर उनकी समस्याओं का संवैधानिक एवं न्यायसंगत समाधान तलाशने की पहल की जानी चाहिए।
पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके पत्र को आलोचना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में एक जिम्मेदार नागरिक की चिंता के रूप में देखा जाएगा।
डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ ने केंद्र सरकार से छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र संवाद स्थापित कर सकारात्मक समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

