सौरभ पाठक की रिपोर्ट।
अलीगढ़। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की विभिन्न इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में एचआईवी/एड्स की रोकथाम और भेदभाव-मुक्त समाज में युवाओं की भूमिका विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम एनएसएस समन्वयक डा. पूनम रानी के निर्देशन में हुआ।

प्रो. फवाद खुर्शीद और प्रो. उमेशा मिश्रा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए एचआईवी/एड्स से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी और समाज में फैली भ्रांतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और संवेदनशीलता के माध्यम से ही भेदभाव-मुक्त समाज बनाया जा सकता है।
प्रतियोगिता में 50 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मुस्कान चौहान, निर्मल, शिवम पांडे और मुकेश कौशल ने एचआईवी/एड्स से बचाव और जागरूकता पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी जानकारी और सामाजिक भेदभाव के प्रति जागरूक किया गया। एनएसएस इकाई-एक की कार्यक्रम अधिकारी डा. मनीषा उपाध्याय ने कहा कि जन जागरूकता से बीमारियों और सामाजिक कुरीतियों को कम किया जा सकता है।
एनएसएस इकाई-पांच के कार्यक्रम अधिकारी डा. रामगोपाल सिंह और इकाई-दो के कार्यक्रम अधिकारी डा. नितिन कांत कुलश्रेष्ठ ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।


