प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध सीएमपी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित ‘भारतीय संस्कृति में शिव’ विषयक संगोष्ठी के अवसर पर राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से भगवान शिव पर आधारित दुर्लभ पांडुलिपियों की चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्वाध्यक्ष प्रो. हरिदत्त शर्मा ने किया।


उद्घाटन के बाद प्रो. हरिदत्त शर्मा ने कहा कि राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय में दुर्लभ पांडुलिपियों का विशाल संग्रह मौजूद है। उन्होंने शोध छात्रों और आचार्यों से पुस्तकालय का भ्रमण कर अपने शोध से संबंधित पांडुलिपियों का अध्ययन करने तथा शोध कार्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रदर्शनी में भगवान शिव से संबंधित रामचरितमानस की पांडुलिपि में चित्रित भगवान शंकर के चित्र, विश्वनाथ अष्टक, शिव पुराण, शिव संहिता, अर्धनारीश्वर स्तोत्र, महाकाल सहस्रनाम, शिव सहस्रनाम और गिरिजा दशक सहित अनेक दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा गंगा से संबंधित पांडुलिपियों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया।
प्रदर्शनी में मौजूद छात्र-छात्राओं ने पांडुलिपियों का उत्सुकता के साथ अवलोकन किया और उनमें लिखे महत्वपूर्ण अंशों को अपनी डायरी में नोट किया। इससे विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन पांडुलिपियों के प्रति विशेष जिज्ञासा देखने को मिली।
इस अवसर पर सीएमपी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे, पूर्व प्राचार्य प्रो. आनंद कुमार श्रीवास्तव, पूर्व कलासंकायाध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रो. कौशल किशोर श्रीवास्तव, प्रो. राजेंद्र त्रिपाठी ‘रसराज’, डॉ. सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. आरुणेय मिश्र, प्रो. सुरेंद्र पाल सिंह, विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग, सीएमपी महाविद्यालय सहित हरिश्चंद्र दुबे, डॉ. शाकिरा तलत, अजय मौर्य, मोहम्मद शफीक, विवेक तथा संस्कृत विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं आभार पांडुलिपि अधिकारी श्री गुलाम सरवर ने व्यक्त किया।


