रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। मिश्रिख विकासखंड में प्रशासनिक स्थानांतरण नीति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारी हरीश कुमार के कथित तौर पर बीते करीब पांच वर्षों से एक ही ब्लॉक और ग्राम पंचायतों में तैनात रहने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के चलते विकास कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी के कार्यकाल में नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और पंचायत भवनों समेत विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। ग्रामीणों के मुताबिक अभिलेखों में दर्शाए गए विकास कार्यों और मौके पर दिखाई देने वाली स्थिति में काफी अंतर है।
मस्टर रोल और भुगतान विवरण की जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत कर मस्टर रोल, भुगतान विवरण, कार्यों की स्वीकृति तथा निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा सक्षम जांच टीम से स्थलीय सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वहीं मामले में जब खंड विकास अधिकारी रामसुमिरन से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय मामले को जिला पंचायत राज अधिकारी के स्तर से संबंधित बताया।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।


