•प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक एक ही परिसर में होगी पढ़ाई, आधुनिक लैब, लाइब्रेरी, पार्क और खेल मैदान की मिलेगी सुविधा।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इन विद्यालयों में बच्चों को प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे विद्यार्थियों को बार-बार स्कूल बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में इन विद्यालयों के निर्माण एवं स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बच्चों को उच्चस्तरीय एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रेरित हों।
फरह में 28 करोड़ से निर्माणाधीन विद्यालय
फरह ब्लॉक के माल गांव में करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है। विद्यालय परिसर करीब 7 से 8 एकड़ में विकसित किए जाने की योजना है। यहां बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बल्देव में 25 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत
बल्देव ब्लॉक के बांगरनेरा गांव में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति के अनुसार निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की तैयारी है।
एक ही परिसर में 12वीं तक पढ़ाई
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में कराई जाएगी। इससे बच्चों को प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के लिए अलग-अलग विद्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
आधुनिक शिक्षा के साथ खेल और मनोरंजन की सुविधा
विद्यालयों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं और बेहतर लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। परिसर में पार्क और खेल मैदान भी विकसित किए जाएंगे, ताकि बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनमें खेलों के प्रति रुचि बढ़े।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि लाइब्रेरी में पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकों के अलावा बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए अन्य उपयोगी पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
अन्य क्षेत्रों में भी विद्यालय खोलने की तैयारी
रतन कीर्ति ने बताया कि जिले की अन्य तहसीलों में भी मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। जिन क्षेत्रों में अभी विद्यालय स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे और स्वीकृति मिलने पर निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा। आधुनिक सुविधाओं से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने के साथ शिक्षकों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा और सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का विश्वास और बढ़ेगा।


