रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं किसानों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (DLMC) की बैठक हुई। बैठक में खरीफ फसलों के बीमा, किसानों के बीमा कवरेज, प्रीमियम कटौती, बीमा पॉलिसी, फसल क्षति के आकलन और बीमा दावों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में कृषि विभाग, बैंकिंग संस्थाओं तथा संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने योजना की प्रगति से समिति को अवगत कराया। जिला प्रबंधक एचडीएफसी एर्गो ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में जनपद के किसानों को 48.71 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति वितरित की गई। वहीं, रबी वर्ष 2025-26 में अब तक 49.48 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि किसानों को दी जा चुकी है। शेष बीमा दावों के निस्तारण की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति मिलने की संभावना है।
31 अगस्त तक करा सकते हैं बीमा
खरीफ वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। किसान अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर बीमा करा सकते हैं। निर्धारित बीमित राशि एवं प्रीमियम इस प्रकार है—
- धान: बीमित राशि ₹64,200 प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम 2 प्रतिशत यानी ₹1,284 प्रति हेक्टेयर।
- बाजरा: बीमित राशि ₹51,100 प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम 2 प्रतिशत यानी ₹1,022 प्रति हेक्टेयर।
- अरहर: बीमित राशि ₹85,600 प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम 2 प्रतिशत यानी ₹1,712 प्रति हेक्टेयर।
ऋणी किसानों के लिए जरूरी सूचना
जनपद के सभी ऋणी किसानों (केसीसी धारकों) के लिए भी बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित है। अधिसूचित फसलों का बीमा नहीं कराने के इच्छुक ऋणी किसान अंतिम तिथि से कम से कम सात दिन पूर्व संबंधित बैंक शाखा में लिखित प्रार्थना पत्र देकर योजना से बाहर हो सकते हैं। अन्यथा उनके बैंक खाते से निर्धारित प्रीमियम की धनराशि काट ली जाएगी।
फसल क्षति की सूचना 72 घंटे में दें
स्थानीय आपदा अथवा फसल क्षति होने की स्थिति में किसानों को घटना के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर अथवा संबंधित कृषि विभाग/बैंक को तत्काल सूचना देनी होगी। अधिकारियों ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में फसल बीमा किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो रहा है।


