रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिश्रिख में अव्यवस्थाओं और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है और जनरल वार्ड में भी स्वच्छता व्यवस्था बदहाल है। इससे मरीजों को संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में मरीजों के लिए शासन की ओर से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन आरोप है कि इनमें से कई व्यवस्थाएं कुछ समय बाद ही बदहाल हो जाती हैं। जनरल वार्ड में बेड और चादरों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि बेड के नीचे तथा वार्ड के आसपास लंबे समय से समुचित सफाई नहीं हुई है।
अस्पताल के फर्श पर भी नियमित रूप से पोछा लगाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वार्ड और परिसर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देने से स्वच्छ भारत मिशन के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्तमान में संक्रमण संबंधी बीमारियों के दौर में अस्पताल जैसी जगह पर साफ-सफाई की अनदेखी मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं, अस्पताल में कथित रूप से दलालों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ मिलने के बजाय अन्यत्र भेजने अथवा निजी सेवाओं की ओर प्रेरित करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक प्रखर श्रीवास्तव का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उपलब्ध मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कराने, साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


