उत्तराखंड प्रदेश में इस साल नहीं होंगे कर्मचारियों के तबादले।

देहरादून (उत्तराखंड) से गंगेश कुमार की रिपोर्ट।

सरकार ने वार्षिक तबादला सत्र को शून्य घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि तबादला नियम के अंतर्गत आने वाले किसी भी कर्मचारी अथवा विभाग को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो फिर वह कार्मिक विभाग के माध्यम से प्रस्ताव विचार-विमर्श के लिए तबादला समिति के सामने रख सकता है।
प्रदेश में तबादलों के लिए प्रक्रिया हर साल मार्च में शुरू हो जाती है नियमानुसार 31 मार्च तक विभागीय स्तर पर कार्मिक चिन्हीकरण करना होता है। 1अप्रैल को शासन विभाग मंडल व जिला स्तर पर तबादला समितियों का गठन हो जाता है। 15 अप्रैल तक प्रत्येक संवर्ग के सुगम व दुर्गम क्षेत्र के कार्यस्थल पात्र कर्मचारियों व उपलब्ध एवं संभावित रिक्तियों की सूची वेबसाइट पर डाल दी जाती है। 20 अप्रैल तक अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र कार्मिकों से विकल्प के लिए जाते हैं। अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए आवेदन को 30 अप्रैल तक की तिथि तय है। सभी आवेदन पत्र 15 मई तक जमा हो जाते हैं। 25 मई से 5 जून तक तबादला समिति की बैठक होती है।और 10 जून तक तबादला आदेश जारी हो जाते हैं। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण यह तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे में कार्मिक विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया। मुख्यमंत्री कार्यालय की अनुमति मिलने के बाद अब शासन ने इस पर आदेश जारी कर दिए हैं।

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