रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
- अधिवक्ताओं ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
- सफाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी, जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
मिश्रिख (सीतापुर)। एक ओर प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई को लेकर अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर मिश्रिख तहसील परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मलेरिया, डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
मीडिया से बातचीत के दौरान अधिवक्ता पंकज मिश्रा, प्रदीप कुमार और ठाकुर प्रसाद सहित अन्य लोगों ने तहसील परिसर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि लंबे समय से परिसर में नियमित सफाई नहीं हो रही है। नगर पालिका की लचर व्यवस्था के चलते सफाई कार्य प्रभावित है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भार्गव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर तहसील परिसर में तत्काल साफ-सफाई कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे।


