रिपोर्ट : विजय नागपाल।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आयोजित किया नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
- संविधान, मौलिक अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों की दी गई जानकारी
मथुरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद के विद्यालयों में संचालित लीगल लिटरेसी क्लब को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जनपद न्यायालय के केंद्रीय कक्ष में नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने की।

कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार के निर्देशन में आयोजित हुआ। इसमें सिविल जज (जू.डि.) प्रत्यूष आनंद मिश्रा, अपर सिविल जज (जू.डि.) सोनल उपाध्याय एवं प्रियंका वर्मा उपस्थित रहीं।
प्रशिक्षण में जनपद के लगभग 70 शासकीय एवं अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इन शिक्षकों को नोडल शिक्षक के रूप में नामित किया गया है, जो विद्यालयों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विधिक एवं संवैधानिक जानकारी देंगे।
न्यायिक अधिकारियों ने शिक्षकों को संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, संवैधानिक उपचार, राज्य के नीति-निदेशक तत्व एवं मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका एवं कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। शिक्षकों को बताया गया कि वे विद्यालयों में विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के साथ ही बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी भी दें।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों, कानून के प्रति सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल से विद्यालय स्तर पर कानूनी साक्षरता अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।


