•पनियरा की आठ ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का आरोप, जांच अधिकारी नामित।
रिपोर्ट: सुनील पाण्डेय।
महराजगंज। शासनादेशों और जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना तथा प्रथम दृष्टया वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में विकास खंड पनियरा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ओमप्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश के बाद विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अधिकारी पर पनियरा विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों में 15वें एवं पंचम वित्त आयोग की धनराशि से कराए गए कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप है। इनमें सोहास, ऋषपुर, धनघटी, खजुरिया, तेंदुहिया, सुभितपुर, मोहद्दीनपुर एवं कनैला ग्राम पंचायत शामिल हैं। आरोप है कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के भौतिक सत्यापन के बिना ही इन ग्राम पंचायतों में कुल 70 लाख 40 हजार 868 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत सचिवालय और सामुदायिक शौचालय के अधूरे कार्यों के साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने संबंधी शासन के निर्देशों की अनदेखी कर अन्य कार्य कराए जाने का भी मामला सामने आया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मामले की जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), परतावल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
वहीं, संबंधित आठों ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शासनादेशों के विपरीत कार्य कराने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने के मामलों में कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश है कि विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


