•पूर्व आईएएस मानवेंद्र सिंह और मंजू सिंह के आवास पर पूर्व सांसद ने राजनैतिक बिंदुओं पर की चर्चा।
•विधानसभा की दावेदारी और भाजपा की आगामी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज।
विजय दूत (मयंक त्रिपाठी)
औरैया। बिधूना विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। इसी बीच कन्नौज के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की पूर्व आईएएस अधिकारी मानवेन्द्र सिंह से हुई मुलाकात ने क्षेत्र की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
पूर्व सांसद का पब्लिक इंटर कॉलेज, बिधूना पहुंचना और विधानसभा से दावेदारी कर रहीं मंजू सिंह के आवास पर जलपान करना महज एक सामान्य मुलाकात थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है, इसे लेकर क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
कन्नौज के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक बिधूना पहुंचे थे। इस दौरान वह मंजू सिंह के आवास पर गए, जहां उन्होंने काफी देर तक रुककर राजनैतिक बिंदुओं पर चर्चा की। यहां उनकी मुलाकात मंजू सिंह के पति एवं पूर्व आईएएस अधिकारी मानवेन्द्र सिंह से हुई। मुलाकात के दौरान बिधूना नगर मंडल प्रभारी विमल दुबे भी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के कई लोग भी एकत्रित हुए।
इस मुलाकात का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि मंजू सिंह बिधूना विधानसभा क्षेत्र से अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय बताई जा रही हैं। वहीं, मानवेन्द्र सिंह प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव रखते हैं। ऐसे में पूर्व सांसद सुब्रत पाठक का उनके आवास पर पहुंचना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि मुलाकात के दौरान किसी चुनावी रणनीति, टिकट अथवा संगठनात्मक फैसले को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बिधूना विधानसभा सीट पर भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों और संभावित दावेदारों की सक्रियता के बीच इस मुलाकात को कई नजरियों से देखा जा रहा है। एक ओर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय चेहरों के बीच संपर्क बढ़ने को संगठनात्मक संवाद के रूप में देखा जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों की हलचल से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है।
राजनीतिक दृष्टि से पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की मौजूदगी भी इस घटनाक्रम को चर्चा में ला रही है। कन्नौज की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके पाठक का बिधूना पहुंचकर एक संभावित दावेदार के परिवार से मुलाकात करना स्थानीय कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह केवल व्यक्तिगत परिचय और मेल-मिलाप था या बिधूना की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में कोई संवाद, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल इस मुलाकात ने बिधूना की राजनीति में नई बहस जरूर शुरू कर दी है। चुनावी तैयारी के शुरुआती दौर में नेताओं की आवाजाही, संभावित दावेदारों के संपर्क और संगठन के प्रमुख चेहरों की सक्रियता को राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आने वाले दिनों में मंजू सिंह की राजनीतिक सक्रियता किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस मुलाकात के बाद बिधूना की सियासत में कोई नया घटनाक्रम सामने आता है या नहीं।


