माता प्रसाद शर्मा ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और विपक्षी नेताओं से पूछा—आखिर कब होगी कार्रवाई?
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। इरा इंडिया के प्रधान संपादक माता प्रसाद शर्मा ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति की गई कथित अमर्यादित एवं अशोभनीय टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व सहित विपक्षी दलों के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए संबंधित बयान की सार्वजनिक रूप से निंदा करने और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
माता प्रसाद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धीरेंद्र शास्त्री को अपना छोटा भाई बताते हैं। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में कार्रवाई कब सुनिश्चित कराएगा? उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति इस तरह की टिप्पणी से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को गहरा आघात पहुंचा है।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सनातन धर्म और संस्कृति की बात करने वाले नेताओं को इस तरह के मामलों में भी स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए।
माता प्रसाद शर्मा ने विपक्षी दलों के नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव से भी इस प्रकरण पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हैं और आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति की गई कथित टिप्पणी पर उनकी चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही गठबंधनों के नेता राजनीतिक लाभ और वोटों की चिंता में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर मौन साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं और जनभावनाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
माता प्रसाद शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के नेता जनता की भावनाओं को नजरअंदाज न करें। जनता सब देख रही है और समय आने पर चुनाव में अपना जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस तरह के मुद्दों का राजनीतिक दलों के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। जय श्रीकृष्ण।


