श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति हेतु प्रस्तावित संकल्पित रजत शिला का हुआ पूजन
वृन्दावन। वृन्दावन में गरुण गोविंद मंदिर धाम में साधू संतों, आचार्यो द्वारा भारी संख्या में उपस्थित बृजवासियों के मध्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि संकल्प शिला का पूजन विधि विधान से किया गया, आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर राम दास जी महाराज ने कहा कि भगवान योग कृष्ण की जन्म भूमि की लड़ाई सनातनी अवश्य जीतेंगे, भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण की जन्मभूमि अति शीघ्र आजाद होनी चाहिए ,भारतवर्ष एक हिंदू बाहुल्य राष्ट्र है ।
हमारे सनातनी भगवान राम एवं कृष्ण को समर्पित भाव से अपना आराध्य मानते हैं
इसलिए मुस्लिम शासको द्वारा बनाई गई इमारत को न्यायालय के माध्यम से लेकर हम पूर्ण विराट मंदिर की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान देने को तैयार हैं,
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी जी महाराज एवं आचार्य शुभांश एवं आचार्य अनिल कृष्ण शास्त्री ने अपने-अपने संविधानों में कहा कि भगवान कृष्ण जन्मभूमि के लिए प्रस्तावित यह पवित्र संकल्प रजत शिला
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी द्वारा पूजन कर हमें प्रदान की गई है।
इस संकल्प शिला को संपूर्ण भारतवर्ष में पूजित किया जा रहा है ,सवा महीने के विशेष अभियान के तहत शिला पूजन के साथ-साथ संपूर्ण भारतवर्ष एवं सनातनी हिंदुओं द्वारा 16 देश में दीप महायज्ञ भी प्रारंभ किया गया है ,जो 6 दिसंबर तक निरंतर चलेगा जिसके तहत सभा करोड़ दीपक भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण की जन्मभूमि के जन जागरण अभियान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
प्रभारी संयोजक राजेश पाठक, महामंडलेश्वर राधा नंद गिरी जूना अखाड़ा, दीपक गिरी जी महाराज, ने कहा कि दिनेश फलाहारी जी महाराज द्वारा संकल्पित होकर जो भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पण भाव से उनके मंदिर निर्माण के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है ,वह निश्चित रूप से सफल होगी । नारायण दास और राम प्रपन्नाचार्य दुबे जी, साध्वी इंदु लेखा ने कहा कि दिनेश फलाहारी इस संपूर्ण बज के लाडले है भारतवर्ष का संपूर्ण संत समाज इनके त्याग तपस्या एवं समर्पण भाव से प्रसन्न है। इस मौके पर भविष्य वक्ता साध्वी इंदु लेखा, आचार्य गौरव जी,आचार्य भागेंद्र शास्त्री, श्यामा शरण शास्त्री ,श्री हरि सुरेशाचार्य, सुखराम सिंह कमल, गोविंदशर्मा,राजीव शुक्ला, आचार्य पंकज गिरी, राजेश शास्त्री, पुंडरीक शास्त्री स्वामी विवेकानंद, अजय शर्मा, पहलाद यादव, आदि उपस्थित थे


