रिपोर्ट: संजय त्रिपाठी।
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। खरीफ सीजन में धान की वास्तविक उपज का सही आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की ओर से चलाए जा रहे क्रॉप कटिंग अभियान के तहत शुक्रवार को उपजिलाधिकारी डुमरियागंज विवेकानंद मिश्र ने ग्राम बनगाई नानकार में गाटा संख्या 216 में धान की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।
रैंडम नंबर से हुआ खेत का चयन
क्रॉप कटिंग के लिए खेत का चयन रैंडम नंबर के आधार पर किया गया था। चयनित गाटा संख्या 216 में किसान अवधेश उपाध्याय द्वारा पूसा बासमती धान की फसल लगाई गई थी। मौके पर निर्धारित मानक के अनुसार 43.30 वर्ग मीटर एरिया में फसल की कटाई कराई गई। कटाई के बाद मड़ाई कराने पर कुल 17.60 किलो धान की उपज प्राप्त हुई। इसी आधार पर प्रति हेक्टेयर उपज का अनुमान लगाया जाएगा।
क्या है क्रॉप कटिंग और क्यों कराई जाती है
राजस्व विभाग द्वारा प्रति वर्ष खरीफ और रबी सीजन में फसलों की रैंडम क्रॉप कटिंग कराई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जानना होता है कि जिले में किसी फसल की प्रति हेक्टेयर औसत उपज कितनी हुई है और कुल उत्पादन कितना हुआ है।
इसी आंकड़े के आधार पर सरकार अपनी खाद्यान्न नीति, आयात-निर्यात नीति, न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल बीमा के दावे और सूखा-बाढ़ जैसी आपदा में राहत का निर्धारण करती है। अगर किसी क्षेत्र में उपज कम आती है तो उसे उसी आधार पर फसल क्षति का लाभ भी मिलता है।
क्रॉप कटिंग वैज्ञानिक पद्धति से की जाती है। इसके लिए पहले से कंप्यूटर के माध्यम से रैंडम तरीके से गांव और खेत का चयन किया जाता है। फिर मौके पर 10 मीटर का समबाहु त्रिभुज में 43.30 वर्ग मीटर का प्लॉट बनाकर उसी के अंदर की फसल काटी जाती है। काटी गई फसल की मड़ाई करके तौल की जाती है। इस दौरान राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और संबंधित किसान की मौजूदगी अनिवार्य होती है।
किसानों के लिए क्यों है महत्वपूर्ण
अधिकारियों का कहना है कि क्रॉप कटिंग का आंकड़ा ही जिले की असली तस्वीर बताता है। इससे यह पता चलता है कि इस बार मौसम, खाद, पानी और बीमारी का फसल पर क्या असर पड़ा है। किसान की फसल का बीमा क्लेम भी इसी औसत उपज के आधार पर तय होता है। इसलिए क्रॉप कटिंग में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।
उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता और समय से पूरा किया जाए, ताकि जिले का सही उत्पादन आंकड़ा शासन को भेजा जा सके। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि क्रॉप कटिंग के दौरान सहयोग करें और अपनी फसल की सही जानकारी दें।
इस अवसर पर गाटे के कृषक अवधेश उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, लेखपाल कैलाश नाथ तिवारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।


