•भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक और आरोग्य के प्रतीक, स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद एवं योग को अपनाना जरूरी : प्रो. डॉ. नवीन सिंह
बस्ती। धन्वंतरि जयंती के शुभ अवसर पर निकट बादशाह टॉकीज स्थित मंगलम आयुर्वेद एवं पंचकर्म वैलनेस सेंटर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ला ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सकों, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का प्रवर्तक और देवताओं का वैद्य माना जाता है। धन्वंतरि जयंती हमें निरोगी जीवन, स्वास्थ्य संरक्षण और भारतीय चिकित्सा परंपरा के महत्व का संदेश देती है। आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है। वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या, खानपान और मानसिक तनाव के बीच आयुर्वेद, योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा एवं संतुलित आहार को अपनाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
मंगलम आयुर्वेद एवं पंचकर्म वैलनेस सेंटर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके श्रीवास्तव ने कहा कि आयुर्वेद में पंचकर्म चिकित्सा का विशेष महत्व है। उचित चिकित्सकीय परामर्श और निर्धारित पद्धति से पंचकर्म शरीर के स्वास्थ्य संरक्षण एवं विभिन्न विकारों के प्रबंधन में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि जगदीश प्रसाद शुक्ला ने भगवान धन्वंतरि के आदर्शों को याद करते हुए भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
कार्यक्रम में अर्जुन उपाध्याय,डॉ. शबनम जहां, डॉ. पूजा वर्मा, डॉ. वर्षा शुक्ला, डॉ. अरुण मौर्य, डॉ. अनन्या शुक्ला, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, आसाराम यादव, भवानी प्रसाद शुक्ला, मयंक श्रीवास्तव, कौशल त्रिपाठी, दयाशंकर मिश्र, निरंकुश शुक्ला, विजय कुमार, योगाचार्य सन्नो दुबे एवं नरपत शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।

