•चर्चित आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र ने किया मंजूर, 17 साल की बची नौकरी को कहा अलविदा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की तेजतर्रार और चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। अपनी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों के लिए पहचानी जाने वाली 2013 बैच की आईएएस दिव्या मित्तल ने बीते 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जिंदगी के एक नए उद्देश्य का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफा मंजूर होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा करते हुए राष्ट्रकवि जयशंकर प्रसाद के मशहूर नाटक ‘चंद्रगुप्त’ की प्रेरक पंक्ति लिखी- प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।
वैष्णो देवी दर्शन के बाद लिया बड़ा फैसला, 17 साल की नौकरी थी बाकी
इस्तीफा मंजूर होने की आधिकारिक सूचना मिलने से ठीक दो दिन पहले दिव्या मित्तल माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंची थीं। वहां से अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने लिखा था, आगे की राह कठिन है, सद् बुद्धि देना मां। इस पोस्ट के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में उनके भावी कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दिव्या मित्तल करीब 13 वर्षों तक सरकारी सेवा में रहीं। उन्होंने ऐसे मोड़ पर प्रशासनिक सेवा को अलविदा कहा है, जब उनके सेवाकाल के लगभग 17 साल अभी बाकी थे।
आईआईटी-आईआईएम और लंदन की नौकरी छोड़ बनी थीं अफसर
मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद शानदार रही है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए करने के बाद लंदन में लाखों के पैकेज वाली कॉरपोरेट नौकरी की थी। देश सेवा के जज्बे के साथ वह भारत लौटीं और पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास कर गुजरात कैडर में आईपीएस बनीं। आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने अगले साल 2013 में दोबारा परीक्षा पास की और आईएएस अफसर बनीं। वह मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया में बतौर जिलाधिकारी तैनात रहीं, जहां लापरवाही बरतने वाले मातहतों पर त्वरित कार्रवाई के चलते वह खासी सुर्खियों में रहीं। हाल ही में मई महीने में उन्हें देवरिया से स्थानांतरित कर लखनऊ में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था।
पति भी छोड़ चुके हैं सरकारी सेवा, शुरू किया अपना स्टार्टअप
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी सिविल सेवा का हिस्सा रह चुके हैं। वह वर्ष 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा अधिकारी थे और उन्होंने साल 2022 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़े गगनदीप सिंह ने सरकारी सेवा छोड़ने के बाद ‘न्यूरोकैप’ नाम से अपनी ट्रेडिंग कंपनी शुरू की, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करती है। लंदन में नौकरी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों ने विवाह किया था। अब पति के बाद दिव्या मित्तल के भी आईएएस पद से मुक्त होने के बाद हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह जिंदगी की इस नई पारी में किस क्षेत्र का रुख करती हैं।


