•शिवा सा हाइट्स के निदेशक ने बरसाना पहुंचकर अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
बरसाना (मथुरा)। ब्रज के प्रसिद्ध संत, मान मंदिर के संस्थापक और ब्रज रक्षा आंदोलन के प्रमुख स्तंभ पद्मश्री रमेश बाबा महाराज के निधन से पूरे ब्रजमंडल में शोक की लहर है। 6 अक्टूबर को आगरा में 90 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद 7 अक्टूबर को बरसाना के गहवर वन में संतों, भक्तों और ब्रजवासियों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया गया।
मथुरा के शिवा सा हाइट्स ग्रुप के निदेशक एवं समाजसेवी कृष्ण कांत गोयल बेरीवाल ने रमेश बाबा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बाबा का जाना केवल एक संत का निधन नहीं, बल्कि ब्रज के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में जन्मे रमेश बाबा 1953 में ब्रज आए और अपना पूरा जीवन ब्रज की संस्कृति, पर्यावरण और धार्मिक धरोहर के संरक्षण में समर्पित कर दिया। ब्रज के पर्वतों, गहवर वन और प्राचीन कुंडों के संरक्षण के लिए उनके संघर्ष को सदैव याद किया जाएगा।
गोयल ने कहा कि गौसेवा और यमुना संरक्षण के क्षेत्र में भी बाबा का योगदान अतुलनीय रहा। बरसाना की माताजी गौशाला के माध्यम से उन्होंने गौसेवा का व्यापक संदेश दिया। वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने कहा कि बाबा की प्रेरणा से हमें विकास के साथ संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। गौसेवा, यमुना संरक्षण और ब्रज पर्यावरण की रक्षा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


