जिलाधिकारी ने छुड़वाया आमरण अनशन, अनशनकारी बोले- औपचारिक नोटिस जारी होने की उम्मीद
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी की नई नियमावली और परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद चार अभ्यर्थियों ने आमरण अनशन खत्म कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें अनशन तुड़वाया गया।
इस बाबत अनशनकारियों ने बताया कि वह खुद टीजीटी- पीजीटी के अभ्यर्थी हैं। पिछले वर्ष परीक्षाओं की लड़ाई के दौरान जेल में रहने के कारण वह पीजीटी की परीक्षा नहीं दे पाए थे। नई नियमावली से अपना भविष्य प्रभावित होने की आशंका के चलते वह आंदोलन में शामिल हुए।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से उन पर लगातार दबाव बनाया गया और एसओजी-एसटीएफ की कार्रवाई से उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभी इसका औपचारिक नोटिस जारी नहीं हुआ है। एक-दो दिन में शासन की ओर से अंतिम आदेश जारी होने की उम्मीद है। हालांकि आश्वासन के बाद हमें उम्मीद है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका जरूर मिलेगा। इसी भरोसे पर चारों साथियों का आमरण अनशन समाप्त कराया गया और आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है। मांग पूरी नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।
आमरण अनशन खत्म होने के साथ ही बाहर चल रहा धरना-प्रदर्शन भी समाप्त कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने घर लौटकर परीक्षा की तैयारी करेंगे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पिछले 24-25 दिनों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आंदोलन और मांगों को लेकर परेशान थे।

