सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में संचालित खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन की विशेष परियोजना तथा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (पैकेज-11) के भूमि अधिग्रहण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। तहसील डुमरियागंज क्षेत्र के प्रभावित ग्रामों में प्रगति, लंबित प्रकरणों, भौतिक स्थिति और अंश निर्धारण की जांच करते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने बताया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अनुसार चरणबद्ध रूप से चल रही है। धारा 3ए की अधिसूचना के गजट प्रकाशन के बाद एनएचएआई प्रभावित भूमि और हितबद्ध व्यक्तियों का प्रस्ताव भेजता है। तहसील स्तर पर सत्यापन के उपरांत धारा 3डी की अधिसूचना प्रकाशित होती है। इसके बाद भौतिक सत्यापन व स्थलीय निरीक्षण कराया जाता है, जिसके आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवार्ड घोषित किया जाता है। फिर खातेदारों के अंश निर्धारण के अनुसार पात्र कृषकों को प्रतिकर का भुगतान किया जाता है।
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत तहसील इटवा के 15 प्रभावित ग्रामों—मानादेई, लक्ष्मणपुर मय बल्लीजोत, बहादुरपुर, वीरपुर उर्फ बेलदारजोत, बिड़रा, गोपीजोत उर्फ शंकरजोत, देवभरिया, खुरहरबन्दी, दुफेड़िया, पेदानानकार, महुआ पाठक, मटेसरनानकार, गोल्हौरा, मनखोरियाकोट तथा बनगवा जे.एम.एस.—में अर्जन संबंधी कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है।
इसी प्रकार तहसील डुमरियागंज के 28 ग्रामों—बेतनार मुस्तहकम, बेतनार एहतमाली, पुरैना, केशवाजोत मुस्तहकम, रमवापुर जगतराम, डोमसरा, कटरिया पाण्डेय, भड़रिया, पिपरा कानूनगो, मल्हवार, चिताही, कमहरिया, जीवांराई, रमवापुर राउत, चैनिया, पड़िया, सरोथर कठौतिया, कठौतिया गोकुल, हरनाखुरी, महतिनिया खुर्द, महतिनिया बुजुर्ग, बेनीनगर, अकोल्हिया, मिश्रौलिया शिवदासपुर, धौरहरा मय प्रसादीखास, लटेरा, होलियापुर खुर्द बुजुर्ग तथा मैनहवा जे.एम.एस.—में भी अर्जन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
परियोजना के लिए धारा 3ए की अधिसूचना 07 मई 2026 को प्रकाशित हो चुकी है। आगे जे.एम.एस. कार्यवाही के बाद एनएचएआई प्रस्ताव भेजेगा, तहसील सत्यापन होगा और धारा 3डी की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके उपरांत भौतिक सत्यापन, अवार्ड घोषणा और अंश के अनुसार प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रेल परियोजना में भी स्थल निरीक्षण व भौतिक सत्यापन जारी है, जिसे शीघ्र पूरा कर भुगतान संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा।समीक्षा में अधिकारियों व राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से आगे बढ़े।


